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29 जून से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा के लिए भक्तों में उत्साह, मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने घंटों तक परेशान हो रहे हैं लोग

अमरनाथ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। 15 दिन में ही करीबन 1 हजार श्रद्धालुओं ने पंजीयन करा लिए हैं।

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सागर

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Reshu Jain

May 14, 2024

amarnath yatra

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जिला अस्पताल में सिर्फ दो डॉक्टर बना रहे प्रमाण पत्र, पिछले वर्ष 5 डॉक्टर था जिम्मा

सागर. अमरनाथ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। 15 दिन में ही करीबन 1 हजार श्रद्धालुओं ने पंजीयन करा लिए हैं। इसमें सबसे अधिक पंजीयन ऑनलाइन हो रहे हैं। वहीं बैंक के माध्यम से भी पंजीयन कराए जा रहे हैं, लेकिन लोगों को मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने में परेशानी हो रही है। अमरनाथ जाने वाले श्रध्दालु बड़ी संख्या में मेडिकल के लिए जिला अस्पताल में पहुंच रहे हैं। यहां अव्यवस्थाओं के कारण श्रध्दालुआें को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।अमरनाथ यात्रा 29 जून से शुरू होने वाली है। इस बार यह यात्रा 19 अगस्त तक चलेगी। इस बार यात्रा 52 दिन की रहेगी। यात्रा के लिए चिकित्सा प्रमाण पत्र जरूरी है। जिन डाक्टरों को चिकित्सा प्रमाण पत्र के लिए अनुमति दी गई है, उन्हीं से प्रमाण पत्र लेना होगा। अमरनाथ यात्रा के लिए लोगों ने ट्रेनों में आरक्षण करना शुरू कर दिया है, जिससे ट्रेन फुल चल रही हैं।

हर दिन पहुंच रहे 30 से अधिक श्रद्धालु

पिछले वर्ष जिला अस्पताल और बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के 5 डॉक्टर मेडिकल सर्टिफिकेट बना रहे थे, लेकिन इस वर्ष यह संख्या घट गई है। इस वर्ष केवल जिला अस्पताल में दो डॉक्टर प्रमाण पत्र बना रहे हैं। हर दिन अस्पताल में करीब 30 से ज्यादा श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं को परेशानी आ रही है। पिछले वर्ष जिला अस्पताल में डॉ. जितेंद्र सराफ, डॉ. भरत अहिरवार, डॉ. आदित्य दुबे, डॉ. संतोष पटेल और डॉ. अनुराग जैन (बीएमसी) मेडिकल प्रमाणपत्र बना रहे थे। इस वर्ष केवल डॉ. जितेंद्र और डॉ. संतोष पटेल को पोर्टल से नियुक्त किया है। दो डॉक्टर का ही चयन से होने से श्रद्धालु दिनभर जिला अस्पताल में परेशान हो रहे हैं।

मेडिकल बनवाने आ रही परेशानी

अमरनाथ यात्रा मंडल के नितिन कोरपाल ने बताया कि श्रद्धालुओं में ज्यादा उत्साह है। बैंक के साथ ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन में लोगों का ज्यादा रूझान है। उन्होंने बताया कि चिकित्सा प्रमाण पत्र के लिए इस वर्ष डॉक्टर की संख्या कम है, इसलिए लोगों को परेशानी आ रही है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में लोग सुबह से ही पहुंच जाते हैं और घंटों तक परेशान होते हैं। उन्होंने बताया कि यात्रा के लिए दो मार्गों से पहुंचेंगे।

य़ह हैं मार्ग

पहलगाम मार्ग : इस मार्ग से गुफा तक पहुंचने में 3 दिन लगते हैं, लेकिन ये रास्ता आसान है। यात्रा में खड़ी चढ़ाई नहीं है। पहलगाम से पहला पड़ाव चंदनवाड़ी है। ये बेस कैंप से 16 किमी दूर है। यहां से चढ़ाई शुरू होती है।

बालटाल मार्ग : वक्त कम हो, तो बाबा अमरनाथ दर्शन के लिए बालटाल रूट से जा सकते हैं। इसमें सिर्फ 14 किमी की चढ़ाई चड़नी होती है, लेकिन एकदम खड़ी चढ़ाई है, इसलिए बुजुर्गों को इस रास्ते पर परेशानी होती है। इस रूट पर संकरे रास्ते और खतरनाक मोड़ हैं।