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नाबालिग लड़की को देह व्यापार में उतारने वाली युवती सहित तीन को 14 वर्ष का कारावास

नौकरी का झांसा देकर कराया था देह व्यापार, चार साल बाद न्यायालय ने सुनाया फैसला

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Three people, including a woman, who forced a minor girl into prostitution, sentenced to 14 years in prison

फाइल फोटो

बीना. वर्ष 2021 देह व्यापार से जुड़े चर्चित मामले में बुधवार को विशेष न्यायाधीश पास्को एक्ट व द्वतीय अपर सत्र न्यायाधीश संजय जैन ने युवती सहित तीन को 14-14 वर्ष का कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही तीनों पर अर्थदंड भी लगाया गया है।
विशेष लोक अभियोजक डीके मालवीय ने बताया कि वर्ष 2021 में पीडि़ता अपने घर में झगड़ा होने जाने के कारण भोपाल से बीना आई थी। बीना में आरती सोनकर निवासी भीम वार्ड पीडि़ता को मिली थी, जिसने नौकरी दिलाने का झांसा दिया और उसकी बातों में आकर वह उसके घर चली गई। इसी दौरान पीडि़ता को देह व्यापार में धकेल दिया था और कमरे में बंद कर उसके साथ दुष्कर्म कराया। इस मामले में पुलिस ने 9 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। जहां पर अभियोजन के द्वारा न्यायालय के समक्ष पीडि़ता और अन्य साथियों के साक्ष्य कराए गए थे। पीडि़ता ने दो व्यक्ति चना उर्फ दीपक रैकवार निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी और गोलू ठाकुर निवासी लहटवास की पहचान की, जिन्होंने दुष्कर्म किया था। जिन लोगों ने दुष्कर्म किया था और दोनों से रुपए आरती सोनकर ने लिए थे। साक्ष्यों और तर्कों के आधार पर आरती को न्यायालय ने देह व्यापार सहित अन्य धाराओं में 14 वर्ष के कठोर करावास की सजा और 19 हजार रुपए अर्थदंड लगाया है। इसके साथ ही आरोपी गोलू ठाकुर, दीपक रैकवार को 14-14 वर्ष का कारावास और 7-7 हजार रुपए अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड की राशि पीडि़ता को देने के आदेश न्यायालय ने दिए है। मामले में छह लोगों को दोषमुक्त किया गया है।