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वंदे मातरम बोलने से तौबा करने वालों को संदेश देता यह शख्स, देखें वीडियो

उसे सुनकर शायद वंदेमातरम से तौबा करने वालों को एक संदेश मिल जाए

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सागर. वंदे मातरम एक ऐसा शब्द, जिसे गूंज कानों में गूंजते ही हर हिंदुस्तानी का जज्बा देश के प्रति जाग उठता है। देश को प्रमाण करता यह शब्द हर हिंदुस्तानी का शान है। जिसे हम सब गर्व से बोलते है। भारत माता के जयकारों के साथ वंदे मारतम का भी उच्चारण ऊंचे स्वरों में किया जाता है। हालांकि, देश में कुछ लोग वंदेमारतम बोलने से तौबा भी करते है। इसमें उनका जो भी ध्येय हो, लेकिन आज हम जिस शख्स का वीडियों आपको दिखाने जा रहे है। उसे सुनकर शायद वंदेमातरम से तौबा करने वालों को एक संदेश मिल जाए।

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात से प्रभावित होकर ओडिशा के अब्दुल सिद्दिकी साइकिल से दिल्ली के लिए निकले हैं। स्वच्छता का संदेश देते हुए वे शनिवार को सागर पहुंचे। अब्दुल अपनी साइकिल पर वंदेमातरम, भारत माता की जय लिखे फ्लैग्स लगाए हुए हैं। साथ ही गांधी जी और मोदी के चित्र भी।
झारसुगुड़ा ओडिशा के रहने वाले अब्दुल ने पत्रिका से चर्चा में बताया कि वे एक जनवरी को निकले हैं और २६ जनवरी को लाल किले से पीएम को झण्डा फहराते हुए देखेंगे। उनका कहना है उन्हें गर्व है कि वह भारतीय है और भारत माता की जय, वंदे मातरम कहने में गर्व महसूस होता है। एक हिंदुस्तानी होने के नाते सभी को वंदेमातरम कहना चाहिए। इसमें गुरेज कैसी। उन्होंने सभी को यह संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री से मुलाकात की भी इच्छा है। मनिहारी की दुकान से अपने परिवार को चलाने वाले अब्दुल ने बताया कि वे किसी भी राजनीतिक पार्टी के सदस्य नहीं हैं। सिर्फ मोदी से इत्तेफाक रखते हैं। मोदी द्वारा कराए जाने वाले कामों से ही प्रभावित होकर यात्रा करने का निर्णय लियाा है।
१४ दिन में पहुंचे
झारसुगुड़ा से वे संबलपुर, रायपुर , खैरागढ़, बालाघाट, सिवनी होते हुए १४ दिन में सागर पहुंचे। यहां से झांसी, ग्वालियर होते दिल्ली जाएंगे। अब्दुल के अनुसार उनके परिवार में पत्नी और दो बेटे हैं, जो उसकी अनुपस्थिति में दुकान चलाते हैं।