
तत्कालीन एसडीएम, आइएएस अधिकारी रजनी सिंह
बीना. न्यायालय के आदेश की अवहेलना करने पर तत्कालीन बीना एसडीएम आइएएस रजनी सिंह के खिलाफ एक हजार रुपए अर्थदंड सहित जमानती वारंट जारी कर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ने न्यायालय में उपस्थित होने का आदेश दिया है। इसके अलावा तत्कालीन तहसीलदार मोनिका वाघमारे, कंप्यूटर आपरेटर जितेंद्र रैकवार को भी न्यायालय में उपस्थित होने का आदेश दिया है।
दरअसल खिमलासा निवासी नदंकिशोर पटवा आचवल वार्ड में किराए के मकान में रहते थे और हिरनछिपा गांव में आधार सेंटर चलाते थे। 23 जुलाई 2016 को तत्कालीन एसडीएम, तहसीलदार और कंप्यूटर आपरेटर उसके आचवल वार्ड स्थित घर पहुंचे और घर पर रखा कंप्यूटर सहित अन्य सामान उठाकर तहसील कार्यालय में ले गए थे। नंदकिशोर ने जब इसका विरोध किया, तो उसके विरुद्ध शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने का प्रकरण पुलिस थाने में दर्ज कराया गया था। इसके बाद वर्ष 2018 में नंदकिशोर को तहसील कार्यालय से एक पत्र मिला, जिसमें जब्त सामाग्री प्राप्त करने के का उल्लेख था और जब वह तहसील कार्यालय पहुंचे,तो उसे आइरिश मशीन, फिंगर प्रिंट मशीन, वेब कैमरा प्रदान किया गया, लेकिन लैपटाप नहीं दिया गया। जानकारी लेने पर बताया गया कि लैपटाप नजारत शाखा में जमा नहीं हुआ है। इसके बाद जब 20 अप्रेल 2018 को सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी, तो एसडीएम कार्यालय से बताया गया कि उपरोक्त संबंध में कोई रिकॉर्ड कार्यालय में नहीं है, जिसपर 2 मई 2018 को परिवाद पत्र अधिवक्ता अमित सेन के माध्यम से न्यायालय में पेश किया गया था, जिसमें तत्कालीन एसडीएम, तहसीलदार और कम्प्यूटर आपरेटर के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई थी।इसके बाद न्यायालय ने बीना थाना प्रभारी को 27 जुलाई 2024 को आदेश तामील कर हलफनामा दाखिल करने और विपक्षी अधिकारी की 23 सितंबर को पेशी सुनिश्चित करने का आदेश दिया है।
Published on:
21 Aug 2024 12:58 pm
