
सागर. मदर्स डे की तरह फादर्स डे को भी यादगार बनाने के लिए बच्चे तैयारियों में जुट गए है। सागर के बाजार में इन दिनों वैसे तो ईद का रस था ही, लेकिन साथ-साथ में अपने पापा को सरप्राइज देने के लिए तरह-तरह के गिफ्ट खरीदते हुए बच्चे भी नजर आए। हर उम्र के बच्चे अपने पिता के चेहरे पर उनके गिफ्ट के साथ अनूठी मुस्कान देखना चाहते है। यही कारण है कि बच्चे अपने भाई-बहन और मम्मी तक काफी चर्चा करने के बाद बाजार पहुंचे है।
इतना ही पापा के दोस्त, साथ काम करने वालों से भी पापा की पसंद को जानने का प्रयास भी बच्चों ने किया है। १५ और १६ जून की इस तैयारी के साथ अब इंतजार १७ जून का होगा, जबकि पापा के सामने सरप्राइज होगा और फादर्स डे सेलीब्रेशन भी। सागर में बाजार के साथ-साथ मकरोनिया के मॉल में भी इन दिनों काफी भीड़ भाड़ देखी जा रही है। एक मॉल के संचालक के अनुसार फॉदर्स डे पर इस बार अच्छा मार्केट रहा है। युवाओं में फॉदर्स डे को लेकर काफी उत्साह देखने मिला। घड़ी, कपड़े, शूॅ, जिम सामग्री, फनी आइट्मस की ज्यादा बिक्री इस बार हुई है।
माता-पिता किसी भी व्यक्ति के जीवन का आरंभ है। इनके बिना किसी के जीवन की कल्पना करना भी असंभव है। जहां मां करुणा और प्यार का सागर होती है, वहीं पिता भी व्यक्ति के जीवन की मजबूत नींव रखने में भूमिका अदा करते हैं। पिता एक ताकत और सहारा है, जो अपने बच्चे को दुनिया से लड़कर अपना मुकाम हासिल करना सीखाता है। 2018 में फादर्स डे 17 जून को मनाया जाएगा। ये हर साल जून के तीसरे रविवार को सेलिब्रेट किया जाता है।
क्यों मनाते है फादर्स डे
दुनिया भर में सभी पिता को सम्मान देने के लिए फादर्स डे मनाया जाता है। लेकिन हम आपको बताते हैं कि इसकी शुरुआत कैसे और कहां से हुई। दरअसल सबसे पहला आधिकारिक फादर्स डे 19 जून, 1910 को मनाया गया, जिसकी शुरुआत वाशिंगटन के स्पोकेन शहर की सोनोरा डॉड ने की। दरअसल सोनोरा की मां की मृत्यु के बाद उनके पिता ने ही अकेले उनकी परवरिश की। एक दिन सोनोरा ने सोचा कि क्यों ना मदर्स डे की तरह पिता को सम्मान देने के लिए भी फादर्स डे मनाया जाए।
ऐसे मिली थी स्वीकृति
इसके बाद साल 1916 में अमेरिकी राष्ट्रपति वुडरो विल्सन ने इस दिवस को मनाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी। फिर 1924 में राष्ट्रपति कैल्विन कुलिज ने इसे राष्ट्रीय आयोजन घोषित किया। इसके बाद 1966 में पहली बार राष्ट्रपति लिंडन जॉनसन ने इसे जून के तीसरे रविवार को मनाए जाने का फैसला किया। जो कि 1972 में राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन द्वारा नियमित अवकाश के रूप में घोषित किया गया।
Published on:
16 Jun 2018 01:53 pm
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