
Worm outbreak increased in gram crop
बीना. खरीफ सीजन की फसल प्राकृतिक आपदाओं के कारण पहले ही खराब हो चुकी है और रबी सीजन की फसल पर भी कीटों का प्रकोप बढऩे लगा है। मौसम साफ न होने के कारण किसान अभी दवाओं का छिड़काव भी नहीं कर पा रहे हैं। यदि दवाओं का छिड़काव नहीं किया गया तो इल्ली फसल चट कर जाएंगी।
इस वर्ष मसूर की फसल में उगरा लगने के कारण फसल पीली पड़कर सूख रही है, जिससे कई किसानों ने फसल पर ट्रैक्टर का पंजा चलाकर दूसरी फसल की बोवनी कर दी है। मसूर खराब होने के कारण किसानों को दूसरी बार लागत लगाकर बोवनी करनी पड़ी। मसूर तो खराब हो ही रही है और अब चना की फसल पर भी इल्ली का प्रकोप बढ़ गया है। अभी स्थिति यह है कि लगभग हर पौधे पर इल्ली है। जबकि फसल बहुत छोटी-छोटी है। पहले जिन किसानों ने बोवनी कर दी थी उस फसल पर फूल आने लगा है। किसान सुदामा लोधी ने बताया कि पिछले दिनों पड़ी गर्मी के कारण फसलों में कीटों का प्रकोप बढ़ा है और अब आसमान पर बादल छाए हैं, साथ ही कभी-कभी हल्की बारिश भी हो जाती है, जिससे दवाओं का छिड़काव भी नहीं कर पा रहे हैं। मौसम साफ होने के बाद दवाओं का छिड़काव करेंगे। मौसम में ठंड बढऩे से कीटों का प्रकोप थोड़ा कम होगा।
हरी, काली इल्ली कर रही फसल चट
इस वर्ष चने की फसल पर काली, हरी इल्ली का प्रकोप ज्यादा है। खेतों में लगभग हर पौधे पर इल्ली है। जानकारों के अनुसार जरूरत से ज्यादा कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है, जिससे अब इल्ली पर दवाओं का असर नहीं होता है। यूरिया सहित अन्य खादों का अधिक उपयोग भी इल्ली को बढ़ा रहा है।
बाजार में सज गईं कीटनाशक की दुकानें
इल्ली सहित अन्य कीटों का प्रकोप कम करने के नाम पर बाजार में कीटनाशक दवाओं की दुकानें सज गई हैं और किसानों को गुमराह कर महंगे दामों पर दवाएं बेची जा रही हैं।
सलाह लेकर करें दवाओं का छिड़काव
चना की फसल में इल्ली का प्रकोप बढ़ा है और किसान मौसम साफ होने के बाद दवाओं का छिड़काव शुरू करें। दवा डालने के पहले कृषि विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर दवा और उसके छिड़काव की जानकारी अवश्य लें। साथ ही जैविक दवाओं का उपयोग ज्यादा करें।
राकेश परिहार, आरएइओ
Published on:
14 Dec 2020 09:21 pm
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