
सहारनपुर के कंपनी बाग में स्थित है आम का ये पेड़
काष्ठ नगरी सहारनपुर Saharanpur के बीचो-बीच स्थित कंपनी बाग company bagh में एक पेड़ ऐसा है जिस पर एक दो नहीं बल्कि 121 अलग-अलग प्रजाति के आम mangoलगते हैं। इस अनोखे पेड़ पर पिछले 20 साल से शोध चल रहा है। वैज्ञानिक scientist इसे विज्ञान का प्रयोग कहते हैं तो कंपनी बाग में टहलने वाले लोगों के बीच यह पेड़ दुनिया के 'आठवे अजूबे' के नाम से फेमस है।
इसलिए बाजार तक नहीं पहुंच पाते इस पेड़ के आम
दरअसल, वैज्ञानिक scientist अब आने वाले समय में ऐसे और भी पेड़ उगाने की कवायद में लगे हुए हैं। इस पेड़ पर लगने वाले अधिकांश आम शोध में लग जाते हैं और यही कारण है कि 20 साल बाद भी इसके आम बाजार में बिकने के लिए नहीं पहुंच पाए हैं। कंपनी बाग में स्थित इस पेड़ की हर शाखा पर आपको अलग प्रजाति का आम देखने के मिलेंगे। यह पेड़ 237 साल पुराने सहारनपुर के कंपनी बाग का आकर्षण भी है।
हर कोई इस पेड़ के साथ लेना चाहता है सेल्फी
जिसे भी इस पेड़ के बारे में पता चलता है वही इस पेड़ के साथ सेल्फी लेना चाहता है। यही कारण है कि जब लोग कंपनी बाग में घूमने आते हैं या फिर शोध करने या किसी कार्यक्रम में यहां आते हैं तो ये पेड़ उनके मन में कौतुलहल पैदा करता है। यहां आने वाले सब लोग इस पेड़ की फोटो अपने मोबाइल फोन में कैद कर लेते हैं। इस पेड़ के साथ सेल्फी जरूर लेते हैं। कुछ लोग तो इस पेड़ के बारे में शॉर्ट रील बनाकर अपने फॉलोवर बढ़ाने की जुगत में भी लगे हुए हैं।
इन प्रजाति के लगते हैं आम
कंपनी की शोभा बढ़ा रहे इस आम के पेड़ पर रामकेला से लेकर, आम्रपाली, दशहरी, लंगड़ा, चौसा, सहारनपुर अरुण, सहारनपुर वरुण, सहारनपुर सौरभ, गोला बुलंदशहर समेत लरन्कू, एलआर स्पेशल, आलमपुर बेनिशा, सहारनपुर गौरव, सहारनपुर राजीव, लखनऊ सफेदा भी लगता है। सिर्फ देशी ही नहीं बल्कि टॉमी ऐट किंग्स, सैंसेशन जैसी प्रजातियों के आम भी इस पेड़ पर लगते हैं। आम की बात हो और चौसा रटौल की बात ना हो ऐसा भला कैसे हो सकता है। तो जान लीजिए इसी पेड़ पर पूसा सूर्या, रटौल, हिमायुद्दीन, हिमसागर, पंजा पसंद, नीम, इंडोनेशिया, जमादार, तैमूरिया, मक्खन, कलमी मालदा, बांबे, स्मिथ, मैंगीफेरा जालोनिया, असौजिया देवबंद, जहांगीर, पत्थर, गधामार, लेमन, अजवायन, लाल जी समेत लगभग 121 तरह के आम लगते हैं।
50 ग्राम से लेकर एक किलो तक वजनी हैं इस पेड़ के आम
इस पेड़ पर अलग-अलग प्रजाति के आम तो लगते ही ही लेकिन इनका साइज और बनावट भी अलग-अलग है। इसी पेड़ पर जामुन से लेकर बैगन तक के आकार के आम लगते हैं। कंपनी बाग के कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार पेड़ पर भले ही 121 तरह की प्रजातियों के आम लगते हों लेकिन सभी का स्वाद लगभग एक जैसा है। ऐसा इसलिए हैं क्योंकि अलग-अलग कलम लगाकर इस पेड़ को विकसित किया गया है लेकिन तना एक ही है। कृषि वैज्ञानिक मानते हैं कि किसी भी आम के पेड़ का स्वाद का मूल उसके तने में होता है। इसलिए इस पेड़ पर भी भले ही कितने तरह के आम लगते हों लेकिन उनका स्वाद एक जैसा ही है।
Published on:
22 Jul 2023 08:58 am
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