
soldier
सहारनपुर।
जिस देश के लिए अपनी जवानी कुर्बान की बुढ़ापे में उसी देश में ऐेसा दर्द मिला कि आंखे भर आई। हम बात कर रहे हैं इल्म की नगरी देवबंद के रहने वाले रिटायर्ड सैन्यकर्मी चेतराम भट्ट की। 1962 में चीन और 1965 व 1971 में पाकिस्तान से वीरता के साथ लड़ाई लड़ने वाले चेतराम भट्ट की ठगाें ने अपने ही देश में पेंशन भी नहीं छाेड़ी। इनके खाते से 2.74 लाख रुपये निकाल लिए गए। अपने बुढ़ापे का सहारा लुट जाने के बाद बाद अब रिटायर्ड चेतराम भट्ट पुलिस थानाें के चक्कर लगा रहे हैं।
गुरुवार काे चेतराम एसएसपी से मिलने पहुंचे। उन्हाेंने नम आंखाें और भरी आवाज में आप बीती सुनाई ताे खुद एसएसपी भी हैरान रह गए। मामला सीमा पर अपनी जान की परवाह किए बगैर दुश्मन देश से लड़ने वाले सैन्य कर्मी का होने की वजह से एसएसपी ने इस पूरी घटना को गंभीरता से लिया। इस पूरे मामले की जांच उन्हाेंने स्पेशल सेल को दी है। अब देखना यह है कि इस सैन्य कर्मी का पैसा वापस मिल पाता है या नहीं। सैन्य कर्मी के साथ देवबंद से चलकर आए उनकाें बेटाें ने बताया कि कई दिन बीत चुके हैं लेकिन थाना पुलिस ने घटना को गंभीरता से नहीं लिया। पुलिस थानाें के चक्कर लगाने के बाद अब वह एसएसपी के पास पहुंचे हैं।
एटीएम बदलकर सहारनपुर में ही की खरीददारी
हैरान कर देने वाली बात यह है कि आराेपी ठग स्थानीय हाेने के वावजूद पुलिस ने इस मामले काे गंभीरता से नहीं लिया। रिटायर्ड सैन्यकर्मी ने बताया कि उनके एटीम का इस्तेमाल सहारनपुर काेर्ट राेड पर ही स्थित एक ज्वैलरी शाेरूम में किया गया। इस शाेरूम से ठग ने ज्वैलरी खरीदी और बाकी पैसा सहारनपुर के ही दाे अलग-अलग बैंक खाताें में भेजा गया। बावजूद इसके पुलिस ने किसी भी से भी पूछताछ नहीं की।
ऐसे हुई घटना
सैन्यकर्मी के साथ आए उनके बड़े बेटे राजेश भट्ट ने बताया कि उनके पिता की आयु लगभग 78 वर्ष है। घटना 21 मई की है। उनके पिता बैंक से पैसे निकालने के लिए गए थे और इसी दौरान एक व्यक्ति ने उनका एटीएम कार्ड बदल लिया। इसके बाद लगातार मैसेज आने शुरू हो गए और पता चला कि 21 मई से 25 मई के बीच ठग ने उनके बैंक खाते से ₹274000 की धनराशि उड़ा ली। ठग ने उनके बैंक खाते में सिर्फ 1500 रुपए छोड़े हैं।
इससे भी अधिक हैरान कर देने वाली बात यह है कि इस बार पैसा देश के किसी अन्य कोने में नहीं बल्कि सहारनपुर के ही एक ज्वैलर्स की शॉप पर भेजा गया है और बाकी पैसा सहारनपुर के ही दो अलग-अलग खातों में भेजा गया है। इनमें से एक खाता गुलिस्ता के नाम का बताया जाता है कि कोलकी गांव की रहने वाली बताई जाती हैं। दूसरा खाता उमा के नाम का है जो दतौली मुगल की रहने वाली बताई जा रही हैं। दोनों ही खाते महिलाओं के हैं। अब देखना यह होगा कि इस गिरोह को पुलिस पकड़ पाती है या नहीं।
Published on:
06 Jun 2019 08:14 pm
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