
जवानों को यह भी बताया गया कि किस तरह से उन्हें हथियार चलाने हैं। इस बारे में भी विस्तार से बताया गया। इस ड्रिल को चंद्रशेखर उर्फ रावण की जमानत की खबरों और रासुका की कार्यवाही के बाद भीम आर्मी के पदाधिकारियों की ओर से दी गई चेतावनी से जोड़कर देखा जा रहा है।

चिली स्प्रे बनेगा पुलिस का मददगार एसएसपी बबलू कुमार ने फोर्स को यह बताया कि फायरिंग से पहले उनके पास बहुत सारे ऑप्शन होते हैं। सबसे पहले चिली स्प्रे का इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर कोई पुलिसकर्मी कहीं भीड़ में फंस गया है, तो उसके लिए सबसे बेहतर चिली स्प्रे होता है। इसे चलाने से जैसे ही आस पास खड़े लोगों की आंखों में आईएस पर जाने से उन्हें कुछ देर के लिए दिखाई देना बंद हो जाएगा और बेहद दर्द होगा, जिससे वह तितर-बितर हो जाएंगे।

इसके अलावा गेस टियर, रबर की गोलियां और अन्य हथियारों के इस्तेमाल के बारे में जानकारी दी गई। एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि वह अपनी गाड़ी में बॉडी प्रोटेक्टर रखेंगे और फोर्स किसी भी तरह की लापरवाही न बरते। हर समय पूरे इक्यूपमेंट अपने साथ रखें।

यह अलग बात है कि पुलिस अफसर इसकी पुष्टि नहीं कर रहे हैं। उनका यही कहना है कि आगामी निकाय चुनाव को देखते हुए फोर्स को ट्रेनिंग दी गई है। उनका यह भी कहना है कि इस तरह के ड्रिल अक्सर कराए जाते रहते हैं।