
अस्पताल में उपचार कराती एक महिला
सहारनपुर. जिला अस्पताल में बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने वाले 27 मरीजोंं में से कई की आंखों की रोशनी में खतरे में पड़ गई है। ऑपरेशन दो ही दिन बाद जब इन रोगियों की आखों से खून आने लगा तो इस इंफेक्शन का पता चला। अब 20 से अधिक रोगी हायर सेंटर पर अपना इलाज करा रहे हैं। इनमें से कुछ की हालत गंभीर है जिनकी आंखों की रोशनी ही खतरे में बताई जा रही है।
ये है पूरा मामला
सहारनपुर जिला अस्पताल में दो व तीन दिसंबर काे कई रोगियों का मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया था। इनमें महिलाएं भी शामिल हैं। ऑपरेशन के बाद इन सभी काे छुट्टी दे दी गई लेकिन इसके कुछ ही दिन बाद इनकी आंखों में परेशानी होनी लगी। कुछ की आंखों में सूजन आ गई ताे कुछ की आंखों से खून आने लगा। जब ये मरीज एक-एक करके जिला अस्पताल पहुंचे ताे यहां डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए। उन्हे दर्द निवारक दवाईयां देकर लौटा दिया। जब इन मरीजों को आराम नहीं मिला तो ये हायर सेंटर पहुंचे। इनमें से कुछ पीजीआई चंडीगढ़ गए तो कुछ ऋषिकेश एम्पस गए ताे कुछ प्राइवेट अस्पताल पहुंचे। पीजीआई के डॉक्टरों ने बताया कि इनमें से कई की आंखों की रोशनी अब खतरे में है।
इनकी आंखों की रोशनी खतरें में पड़ी
बेहट थाना क्षेत्र के गांव जीवाला की रहने वाली 55 वर्षीय प्रमोद देवी
झरौली गांव की रहने वाले हुक्म सिंह की 53 वर्षीय पत्नी विरमवति
सहारनपुर शहर की रहने वाली कुसुम पत्नी स्वर्गीय नरेंद्र कुमार
सहारनपुर निवासी ब्रज भूषण की 66 वर्षीय पत्नी संतोष शर्मा
हरियाणा निवासी जनकराज की 70 वर्षीय पत्नी कमलादेवी
जांच टीम गठित
मुख्य चिकित्साधिकारी संजीव मांगलिक ने बताया कि इस पूरे मामले में जांच बैठा दी गई है। जिला अस्पताल समेत आईएमए से भी डॉक्टर लिए गए हैं। मामला बेहद गंभीर है। पांच डॉक्टर की यह टीम पांच दिन में अपनी रिपोर्ट देगी। इसके बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
29 Dec 2021 09:20 pm
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