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परीक्षाएं रद्द हाेने के बाद अब बीटीसी अभ्यर्थियाें ने रखी ये मांग, देखे वीडियाे

बीटीसी 2015 के चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षाएं रद्द हाेने पर 97 हजार अभ्यर्थियाें के सामने खड़ा हाे गया है ये बड़ा संकट

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सहारनपुर।

बीटीसी 2015 बैच के चतुर्थ सेमेस्टर के पेपर आउट होने की वजह से 8 से 10 अक्टूबर के बीच होने वाली परीक्षा निरस्त कर हाे जाने पर अब अब बीटीसी अभ्यर्थियों को अपना भविष्य अधर में लटका हुआ दिखाई दे रहा है। इसका कारण यह है कि अगर 16 अक्टूबर से यह परीक्षाएं पुनः नहीं हाेती ताे आगामी परीक्षा भर्ती में बीटीसी 2015 बैच का एक भी अभ्यर्थी हिस्सा नहीं ले सकेगा। यही कारण है कि अब बीटीसी 2015 बैच के सभी अभ्यर्थी किसी भी कीमत पर परीक्षाएं जल्द से जल्द पूरी कराना चाहते हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को सहारनपुर में बीटीसी के अभ्यर्थी जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और यहां एक ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने परीक्षाएं 16 अक्टूबर तक पूर्ण करा लिए जाने की मांग की। इस दौरान बीटीसी अभ्यर्थियों ने कहा कि पेपर लीक उनकी वजह से नहीं हुए हैं प्रशासनिक गलती की वजह से हुए हैं। एेसे में इसका खामियाजा उन्हें क्यों दिया जा रहा है। अगर समय से परीक्षाएं नहीं हुई तो नवंबर में होने वाली टेट परीक्षा में वह नहीं बैठ पाएंगे और इससे उनका भविष्य बुरी तरह से प्रभावित हाेगा।

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ज्ञापन देने पहुंचे बीटीसी के छात्र आैर छात्राआें ने यह भी कहा कि उनका बैच पहले ही इतना लेट हाे चुका है कि 2015 का बैच 2018 में चल रहा है लेकिन अब जिस तरह से पेपर आउट हाेने के बाद परीक्षाएं रद्द कर दी गई है इससे उका आैर अधिक नुकसान हाे जाएगा। इन्हाेंने बताया कि अगर समय से परीक्षा नहीं हुई तो आगामी शिक्षक भर्ती परीक्षा में 97 हजार अभ्यर्थी नहीं बैठ सकेंगे और इस परीक्षा से वंचित रह जाएंगे। एेसा हुआ ताे इन अभ्यर्थियों का भारी नुकसान होगा। पहले ही बीटीसी 2015 की परीक्षाएं इतनी लेट हो चुकी है 2018 तक भी सेमेस्टर पूरा नहीं हुआ है और अब 2015 चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा रद्द कर दी गई है, जिससे इनकी परेशानी और बढ़ गई है। ज्ञापन के माध्यम से मुख्य रूप से यही मांग रखी है कि एक सप्ताह के अंदर बीटीसी 2015 चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षाएं पूरी करा ली जाएं।