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अगर आपकाे काेई चाय पीने से मना करे ताे उन्हे बताएं, ऐसे बनी चाय हाेती है फायदेमंद

Highlights दूध वाली चाय से बेहतर हाेती है ग्रीन-टी जानिए क्या है बनाने का सही तरीका सही ढंग से बनाई गई चाय देती है फायदा जानिए दिन में कितनी चाय हाेती हैं फायदेमंद

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tea chai

सहारनपुर। चाय का शाैंक रखने वालाें के लिए अच्छी खबर है। हाल ही में हुए एक शाेध में यह बात सामने आई है कि अगर सही ढंग से चाय (Chai) बनाई जाए ताे वह मानव शरीर काे नुकसान नहीं देती बल्कि फायदा पहुंचाती है। सही ढंग से बनाई गई चाय काे अगर नियम से पिया जाए ताे वह दिमाग में चेतना बढ़ाती है। शाेध के परिणामों के अनुसार चाय पीने वाले उन लाेगाें से अच्छा काम कर लेते हैं जाे चाय (Tea) नहीं पीते।

जानिए कहां हुआ शाेध

मीडिया रिपाेर्ट के अनुसार हाल ही में चाय पर यह शाेध नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर में हुआ है। इस शाेध में 36 से अधिक वरिष्ठ नागरिकाें काे शामिल किया गया था। दाे वर्ष तक के अध्धयन के बाद यह बात सामने आई कि नियमित रूप से चाय पीना दिमाग के लिए अच्छा है। चाय का असर दिमाग के चेतना वाले हिस्साें पर पड़ता है और चाय पीने से दिमाग में चेतना जगाने वाले हिस्से स्वस्थ रहते है जिनसे चेतना बढ़ती है।

यह भी जानिए किस तरह की चाय हाेती है अधिक फायदेमंद

अगर आप चाय (Chai) पीने के शाैकीन हैं ताे आपकाे यह भी समझना हाेगा कि किस तरह की चाय मानव शरीर के लिए अधिक फायदेमंद हाेती है। मनाेचिकित्सक अमरजीत पाेपली के अनुसार दूध वाली चाय से अधिक फायदेमंद काली चाय हाेती है। इन सबसे बेहतर ग्रीन-टी हाेती है। अगर आप नियमित रूप से दिन में अधिक से अधिक दाे बार ग्रीन टी पीते हैं ताे यह आपके दिमाग और स्वास्थ्य पर अच्छा असर डालती है। इससे दिमाग के वह हिस्से मजबूत बने रहते हैं जाे उम्र बढ़ने साथ कमजाेर हाेते हैं यानि नियमित रूप से ग्रीन टी पीने वालाें के स्वास्थ्य पर उम्र बढ़ने के साथ हाेने वाले प्रभाव भी कम हाे जाते हैं।

जानिए चाय बनाने का सही तरीका

अगर आप दूध (Milk) वाली चाय (Tea) पीने के शाैकीन हैं ताे आपकाे भी निराश हाेने की आवश्यकता नहीं है। बस आपकाे चाय बनाने के तरीके में बदलाव करना हाेगा। मनाेचिकित्सक डॉक्टर अमरजीत पॉपली बताते हैं कि वैसे ताे ग्रीन-टी ही अच्छी हाेती है लेकिन अगर दूध वाली चाय काे भी कम पकाया जाए और दिन में अधिक से अधिक दाे बार ही पिया जाए ताे यह भी फायदेमंद साबित हाेगी।

डॉक्टर के अनुसार चाय काे अधिक देर तक उबालने से वह लीवर के लिए नुकसानदायक साबित हाे सकती है। इसलिए चाय काे अधिक नहीं उबालना चाहिए। एक बार उबाल आने के बाद ही चाय काे छानकर पी लेना अधिक उबाली गई चाय पीने से कहीं अधिक बेहतर हाेता है। इसलिए अगर आप अगली आपकाे काेई चाय पीने से मना करे ताे उन्हें बताएं कि कम उबली हुई चाय पीना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है और नियमित रूप से चाय पीने वाले लाेगाें में चेताना का संचार हाेता है।

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