
देवबंद. गश्त के दौरान पुलिस वालों से सरकारी राइफल लूटने के आरोप में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दो आरोपियों पर दोष सिद्ध हो जाने पर उन्हें दस एवं पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा सत्र न्यायाधीश ने दोनों आरोपियों पर 50 हजार एवं दस हजार के अर्थदंड का जुर्माना भी लगाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता देवी दयाल शर्मा ने बताया कि 9 अगस्त 2012 को एसआई ज्ञान सिंह एवं होमगार्ड राजेंद्र सिंह क्षेत्र के थाना बडग़ांव में चिराऊ गांव के सर्विस रोड पर गश्त कर रहे थे। इसी दौरान आरोपी मिंटू और मोना ने एसआई ज्ञान सिंह एवं होमगार्ड राजेंद्र सिंह पर हमला बोल दिया और उनसे सरकारी राइफल लूट ली। इस मामले में थाना बडग़ांव के मिंटू और मोना के खिलाफ लूट का केस दर्ज कराया गया था। हालांकि पुलिस ने अगले माह 3 सितंबर को मुठभेड़ के बाद दोनों आरोपियों को पकड़ते हुए उनकी निशानदेही पर पुलिस से लूट का सामान भी बरामद कर लिया था।
इस मामले में सहायक शासकीय अधिवक्ता ने साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए बताया कि 3 सितंबर को बडग़ांव पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया था। इसके साथ ही आरोपियों की निशानदेही पर सरकारी राइफल बरामद कर ली गई। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. राकेश कुमार नैन ने अभियोजन एवं बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद अभियुक्त मिंटू को दस वर्ष कठोर कारावास एवं 50 हजार रुपये अर्थदंड और मोना को पांच वर्ष की कठोर कारावास एवं दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
Published on:
07 Aug 2019 03:51 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
