गुरुग्राम के सेक्टर 53 में खुले में नमाज पढ़ रहे लोगों का कुछ युवकों ने विरोध किया था। इस मामले में पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार भी किया था। बाद में सीएम मनोहर लाल खट्टर ने बयान दिया कि हरियाणा में सार्वजनिक जगहों पर नमाज नहीं पढ़ी जाएगी। इस बयान पर देवबन्दी आलिम ने नाराजगी जताई है। आलाम ने कहा है कि गुरुग्राम के सीएम को मालूम नहीं है कि नमाज के अंदर दो ढाई मिनट लगते हैं जो सड़क पर नमाज होती है वह जुमे के दिन हो सकती है या फिर कोई मुसाफिर आते-जाते पढता है। उसमें दो ढाई मिनट लगते हैं लेकिन जो सड़क पर लंबे लंबे कीर्तन होते हैं और लंबे लंबे जलूस होते हैं उसमें पूरा पूरा दिन जाम होता है और बहुत सारे लोग परेशान होते हैं। एंबुलेंस वाले मरीज जो है उसमें सबसे जादे परेशान होते हैं हम यह मांग करते हैं कि अगर वह पाबंदी लगानी चाहते हैं तो सब पर पाबंदी लगाई जाए किसी भी धर्म के जुलूस हो किसी भी धर्म का आस्था का मामला सड़क पर न हो। यह बात मुफ्ती सय्यद अजफर हुसैन देवबंद शहर नायब काजी ने कही है।