
ravan
सहारनपुर।
शास्त्रों के मुताबिक इस बार विजयदशमी पर्व पंचक में पढ़ रहा है। एेसा याेग बनने से ज्याेतिष के जानकाराें की आेर से तरह-तरह की आशंकाएँ जताई जा रही हैं। एेसे में आपकाे भी सावधानी बरतनी हाेगी। विजयदशमी पर इस बार रावण के साथ-साथ कुश के पांच पुतले भी जलाने हाेंगे। ज्याेतिषाचार्याें के अनुसार एेसा करने से क्षेत्र में शांति बनी रहेगी आैर आशंकाआें पर भी विराम लगेगा। ज्याेतिष के ही मुताबिक, इस बार विजयदशमी पर्व पर पूजा का विशेष महत्व है। रावण दहन के साथ अगर कुशा के पांच छोटे छोटे पुतले बनाकर उनका भी दहन किया जाए तो उस क्षेत्र में शांति बनी रहेगी और चोरी लूट डकैती की घटनाएं भी कम होंगी।
जानिए शुभ मुर्हूत
ज्योतिषाचार्य पंडित रोहित वशिष्ठ के मुताबिक शुक्रवार 9 अक्टूबर 2018 को विजयादशमी पूजन का शुभ मुहूर्त सुबह 11:42 से शुरू हो जाएगा और यह शुभ मुहूर्त 12:27 तक रहेगा इस अवधि में विजय दशमी का पूजन करने से परिवार में सुख शांति बनी रहेगी और लक्ष्मी जी का भी पास रहेगा कार्य क्षेत्र में कुशलता रहेगी
युवा पीढ़ी के लिए विजयदशमी का विशेष महत्व
आचार्य पंडित रोहित वशिष्ठ के मुताबिक युवा पीढ़ी के लिए और पढ़ने वाले बच्चों के लिए विजयदशमी पर्व का विशेष महत्व है। जब आप विजयदशमी की पूजा कर रहे हों तो अपने कार्य क्षेत्र से संबंधित यंत्र और पढ़ने वाले बच्चों की किताबें भी अपने पास में रख लें। पूजा के समय उनका भी पूजन करें और घर में बच्चों को विशेषकर युवाओं और पढ़ने वाले बच्चों को इस पूजा में शामिल करें ऐसा करने से उनका अध्धयन के प्रति मन एकाग्र होगा और भविष्य में बेहतर सफलताएं मिलेंगी। विजयदशमी पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत को लेकर है और यही कारण है कि युवा पीढ़ी को विशेष पूजा में सम्मिलित करने से बुरे विचारों का अंत होता है और अच्छे विचारों का उदय हाेगा।
यह है रावण दहन का सही तरीका आैर समय
विजयदशमी पर्व पर इस बार रावण पुतला दहन का मुहूर्त शाम 7:20 से शुरू हो जाएगा और रात 9 बज कर 10 मिनट तक रावण के पुतले का दहन का शुभ मुहूर्त रहेगा। इस अवधि में पुतला दहन किया जा सकता है शास्त्रों के मुताबिक विजयदशमी पर्व बुराइयों पर अच्छाई की जीत है और इस अवधि में हम रावण का पुतला दहन कर रावण रूपी बुराइयों को खत्म कर सकते हैं, नष्ट कर सकते हैं। खास बात यह है कि इस बार विजयदशमी पर्व पंचक में हैं एेसे में एेसे में कई तरह की आशंकाएं भी रावण दहन से जाेड़कर देखी जा रही हैं। एेसे में ज्याेतिषाचार्याें ने बताया है कि रावण दहन के दाैरान कुश के बने छाेटे-छाेटे पांच आैर पुतले रावण के साथ दहन कर देने से सारी आशंकाएँ खत्म हाे जाएंगी आैर क्षेत्र में शांति बनी रहेगी। इससे आशंकाआें का ताे अंत हाेगा ही क्षेत्र में वर्ष भर तक शांति बनी रहेगी आैर चोरी-लूट व डकैती की घटनाओं में भी कमी आएगी और बुराइयों पर अच्छाई की जीत रहेगी। यानी ऐसा करने से संबंधित क्षेत्र में सुख शांति बनी रहेगी।
Published on:
18 Oct 2018 01:34 pm
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