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देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त था देवबंद से पकड़ा गया इनामुल हक

लश्कर-ए-ताइबा से कनेक्शन होने के मिले सुराग, एटीएस ने देवबंद थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट, भेजा गया जेल

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Inamul Haque was arrested from Deoband for anti-national activities

सहारनपुर। देवबंद के एक हॉस्टल में किराए का कमरा लेकर रह रहे इनामुल हक के तार लश्कर-ए-ताइबा से जुड़े होने की आशंका है। एटीएस ने मिले सबूतों के आधार पर उसके खिलाफ देवबंद थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। इनामुल हक पर आरोप है कि वह राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल था और उसके तार लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हुए थे। वह पाकिस्तान से आतंकवाद की ट्रेनिंग भी लेना चाहता था।

बता दें कि चार दिन पहले एटीएस की टीम देवबंद पहुंची थी और देवबंद पहुंचने के बाद इस टीम ने यहां से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया था। इनमें से दो के खिलाफ एटीएस की टीम ने निरोधात्मक कार्यवाही की है जबकि झारखंड के गिरिडीह जिले के थाना गंवा क्षेत्र के गांव पटना के रहने वाले इनामुल हक के खिलाफ राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने और आतंकी कनेक्शन होने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई है। एटीएस को ऐसी सूचना मिली थी कि इनामुल हक कुछ धार्मिक स्थलों पर विस्फोट करने की तैयारी में था। इसके लिए वो आतंकियों के संपर्क में था। इसने ट्रेनिंग भी ली थी। वो पाकिस्तान अफगानिस्तान और बांग्लादेश में जिहादियों के साथ जुड़ा हुआ था इसके पास से दो पैन कार्ड एक एटीएम कार्ड 4 सिम कार्ड एक मोबाइल फोन एक मेमोरी कार्ड बरामद हुआ है। इसके साथी ही मोहम्मद फुरकान व नवीन खान निवासी मुजफ्फरनगर के खिलाफ धारा 108 के तहत भी कार्रवाई की गई की गई है।

एटीएस अब देवबंद में और भी संदिग्ध की तलाश कर रही है। कुछ लोगों को सर्विलांस पर लिए जाने की बात सामने आ रही है हालांकि आधिकारिक रूप से इसकी कोई पुष्टि नहीं है लेकिन इस घटना के बाद से देवबंद एक बार फिर से सुर्खियों में आता हुआ दिखाई दे रहा है।


पकड़ा गया संदिग्ध आतंकी इनामुल हक पाकिस्तान में जाकर आतंकवाद की ट्रेनिंग लेना चाहता था उसके अपने फेसबुक और यूट्यूब चैनल भी थे जिन पर वह पिछले करीब तेन वर्षो से काम कर रहा था। मुख्य रूप से इसका उद्देश्य लश्कर-ए-तैयबा का वफादार बनना था हालांकि इन सभी मुद्दों पर अभी तक कोई आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं की गई है। एटीएस का यही कहना है कि इनामुल एक अन्य दूसरे व्यक्ति के संपर्क में था और उसी के माध्यम से सोशल मीडिया से जुड़ा हुआ था

यह बात भी सामने आई है कि इनामुल हक लश्कर-ए-तैयबा ग्रुप से जुड़ने के लिए आतंकियों से ट्रेनिंग देना चाहता था। इसके व्हाट्सएप ग्रुप में बांग्लादेश और अफगानिस्तान के लोग मिले हैं कुछ पाकिस्तान के लोग भी बताए जा रहे हैं पिछले 3 वर्षों से यह देवबंद में रह रहा था। वर्ष 2019 में इसने दारुल उलूम चौक के पास एक हॉस्टल में कमरा किराए पर लिया था और उसने कहा था कि वह मदरसे में पढ़ाई करने आया है। यहां से वह आतंकियों के संपर्क में बना हुआ था। शनिवार की दोपहर कमरा नंबर 19 से एटीएस ने उठा लिया। इससे लंबी पूछताछ की गई इसके दस्तावेजों की जांच की गई यह हॉस्टल में रह रहा था। हॉस्टल मालिक ने बताया कि उसका पहचान पत्र हॉस्टल के रजिस्टर में जमा है और लोग भी अपना पहचान पत्र देकर ही रूम किराए पर लेते हैं। पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है और एटीएस समेत अन्य अभी इस प्रकरण को गंभीरता से लेकर जांच और पूछताछ करने में जुटी हुई हैं।

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