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जैश एक बार फिर वेस्ट यूपी में नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश मे!

तीन संदिग्ध आतंकियों में से एक समीर लोनी गाजियाबाद का रहने वाला है जबकि शाकिर अंसारी देवबंद का निवासी है।

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Archana Sahu

May 05, 2016

terrorist

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सहारनपुर।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआर्इए) व उत्तर प्रदेश एटीएस की मदद से तीन संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें से दो वेस्ट यूपी से पकड़े गए हैं। इनका संगठन जैश-ए-मोहम्मद के दिल्ली मॉड्यूल से ताल्लुक है। इससे लग रहा है जैसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश पूरी तरह से आतंकियों का स्लीपिंग माड्यूल का गढ़ बन चुका है।


पकड़े गए लोगों में से एक सहारनपुर जबकि दूसरा गाजियाबाद का रहने वाला है। बता दें कि दिल्ली के स्पेशल सेल ने इन आतंकियों की साजिश पर पानी फेर दिया है। दरअसल, इन के निशाने पर दिल्ली के भीड़भाड़ वाले इलाके जैसे शॉपिंग मॉल और मार्केट थे, जिसे यह सीरियल बम धमाकों के जरिए उड़ाने की साजिश कर रहे थे।


पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 42स्लीपिंग माड्यूल


पश्चिमी उत्तर प्रदेश पूरी तरह से आतंकियों का स्लीपिंग माडय़ूल का गढ़ बन चुका है। बड़ी संख्या में आतंकियों की गिरफ्तारी ने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की नींद उड़ा दी है। खुफिया सूत्रों का दावा है पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सिमी के स्लीपिंग माड्यूल्स की संख्या 42 है। यह माड्यूल सिमी के आकाओं के इशारे पर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को अंजाम देते हैं। ऐसा दावा किया गया है कि जैश एक बार फिर वेस्ट यूपी में नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश में है।


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साजिद है मास्टरमाइंड

वहीं, दिल्ली पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किए गए आंतकियों के नाम साजिद, समीर व शाकिर अंसारी हैं। साजिद दिल्ली मॉड्यूल का मास्टरमाइंड है। वह चांदबाग, उत्तर-पूर्वी दिल्ली का रहने वाला है। यहां उसकी अंडरगारमेंट बनाने की फैक्ट्री है। समीर लोनी गाजियाबाद का रहने वाला है और गांधी नगर में कपड़े की दुकान पर काम करता था। शाकिर अंसारी देवबंद (सहारनपुर) का रहने वाला है।


एेसे जुड़े आतंकी संगठन से


साजिद का किसी माध्यम से आतंकी अजहर मसूद के भाई तलाह अजहर से संपर्क हुआ था। इसके बाद उनके बीच बातचीत शुरू हो गई। कुछ वर्ष पूर्व जब साजिद का देवबंद के रहने वाले शाकिर से परिचय हुआ तो उसने उसकी सक्रियता को देखते हुए अपने साथ जोड़ लिया। इसके बाद दोनों की तलाह अजहर से बातचीत होने लगी। दोनों ने मिलकर युवाओं को जिहाद के नाम पर भड़का कर जैश-ए-मोहम्मद से जोड़ना शुरू कर दिया। बाद में समीर अहमद उर्फ सोनू भी उनसे जुड़ गया। देर रात जब आसपास के लोग सो जाते थे साजिद चांदबाग स्थित अपनी फैक्ट्री के बेसमेंट में इन सभी के साथ मीटिंग करता था। अजहर मसूद द्वारा दिए गए भड़काऊ लेख पढ़ाकर युवाओं को आतंकी बनाया जाता था। इंटरनेट के जरिए सभी ने बम बनाने व उसे प्लांट करने के तौर तरीके के बारे में जानकारी ली। पिछले साल 8 नवंबर व 20 दिसंबर को इनकी साजिद के चांदबाग स्थित फैक्ट्री में काफी देर तक बैठक भी हुई थी।