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फराह फैज के बयान पर देवबन्दी उलेमा हुए आग बबूला, सरकार से की कार्रवाई करने की मांग

फराह फैज ने दारुल उलूम और उलेमा के खिलाफ दिया था गैरजिम्मेदार बयान
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सहारनपुर

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Iftekhar Ahmed

•

Updated: 3 Sep 2018, 2:56 PM IST

Farah faiz

फराह फैज के ब्यान पर देवबन्दी उलेमा आग बबूला, सरकार से की कार्रवाई करने की मांग

देवबन्द. एक टीवी डिबेट शो में एक मौलवी को थप्पड़ मारकर सुर्खियों में आई सुप्रीम कोर्ट की वकील फराह फ़ैज़ के दारुल उलूम देवबंद और उलेमा के खिलाफ दिए गए बयान से मुस्लिम धर्म गुरुओं ने भारी नाराजगी जाहिर की है। फराह फ़ैज़ द्वारा देवबंद में दिए गये बयान पर देवबंदी उलेमा ने न सिर्फ नाराजगी जताई है, उनकी ओर से लगाए गए आरोपों पर माफी मांगने की नसीहत दी है। इसके अलावा उलेमा ने सरकार से फराह फ़ैज़ के खिलाफ कार्रवाई करने की भी मांग की है। उलेमाओं ने कहा कि फराह फ़ैज़ एक वकील है, अपनी वकालत करती रहे। उन्हें किसी के धार्मिक मामलों मे दखलअंदाजी करने का अधिकार नहीं है।

यह भी पढ़ें- टीवी डिबेट में मौलवी को थप्पड़ मारने वाली महिला ने अपनाया क्षत्रीय धर्म

आपको बता दें कि रविवार को सुप्रीम कोर्ट की वकील फराह फ़ैज़ देवबंद आई थी। यहां उसने क्षत्रिय वंश कबूल करने के साथ ही इस्लामिक धर्म गुरुओं समेत दारुल उलूम देवबंद पर भी न सिर्फ गंभीर आरोप लगाए, बल्कि तीन तलाक, हलाला और फतवा जारी करने को एक दुकानदारी बतया। उनके इस बयान पर देवबंदी उलेमा ने कड़ी नाराजगी जताई है। उलेमा ने कहा कि फराह फ़ैज़ ने इस्लाम धर्म से क्षत्रीय वंश कबूल किया है। उसके लिए उसको मुबारकबाद। लेकिन धर्म गुरुओं और उलेमा के खिलाफ उल्टी-सीधी बयानबाजी करना गलत है। उलेमा ने कहा कि अदालत सबके लिए है, देश के हर मुसलमान न्यायपालिका का सम्मान करते हैं। देश के संविधान के लिए मुसलमानों के बुजुर्गों ने बलिदान दिए हैं। इसलिए कोर्ट के फैसले और सविधान को नहीं मानने का तो मतलब ही नही बनता। भारतीय संविधान ने हर मजहब के लोगों को अपने तरीके के रहने की आजदी दी है। हमें जो संविधान से मजहब की आजदी मिली हुॆी है, इसके लिए कोई किसी को बाध्य नही कर सकता। अगर फराह फ़ैज़ के इस तरह के बयान से देश में किसी तरह का टकराव होता है तो उसके लिए वे जिम्मेदार होंगी। उलेमा ने जहां फराह फ़ैज़ को एक अधीवक्ता की तरह काम करने की सलाह दी है। वहीं, उनके इस बयान को लेकर सरकार से कार्यवाई की भी मांग की है।