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कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी के हलाला पर दिए बयान के बाद उलेमा ने दिया चौंकाने वाला बयान

उलेमा बोले, अपनी पार्टी की तरक्की के बारे में सोचें सिंघवी मजहब लोगों का निजी मामला है, नेता इस पर नहीं करें बयानबाजी लोकतांत्रिक देश में सभी को अपने हिसाब से है जीने का हक

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कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी के हलाला पर दिए बयान के बाद उलेमा ने दिया चौंकाने वाला बयान

देवबंद. दंगल गर्ल जायरा वसीम के एक्टिंग छोड़ने के फैसले पर कांग्रेसी नेता अभिषेक मनु सिंघवी की ओर से सवाल उठाते हुए हलाला पर टिप्पणी करने पर उलेमा भड़क उठे हैं। देवबंद के उलेमा ने अपनी नाराजगी जताते हुए कहा है कि कांग्रेसी नेता को कुछ भी बोलने से पहले इस्लाम का अध्ययन करना चाहिए। इसके साथ ही कहा है कि सिंघवी को इस बयान के लिए मुस्लिम समाज से माफी मांगनी चाहिए।

दंगल गर्ल जायरा वसीम द्वारा शरीयत का हवाला देकर एक्टिंग छोड़े जाने के फैसले के बाद से बहस छिड़ी हुई है। अब कांग्रसी नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने जायरा के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए ट्विटर पर लिखा है कि हलाला जायज और ऐक्टिंग हराम, क्या ऐसे तरक्की करेगा हिंदुस्तान का मुसलमान। सिंघवी के इस बयान पर जमीयत दावतुल मुसलिमीन के संरक्षक मौलाना कारी इसहाक गोरा ने कहा कि सिंघवी को इस्लाम के बारे में जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि इस्लाम में हलाला इसलिए है, ताकि लोग हलाला के डर की वजह से अपनी बीवियों को तलाक जैसे खराब अमल से बचें।

उन्होंने तल्ख लहजे में कहा कि सिंघवी को ऐसे बयान देने के बजाय अपनी पार्टी कांग्रेस की तरक्की के बारे में सोचना चाहिए। साथ ही उन्हें अपने इस बयान के लिए मुस्लिमों से माफी मांगनी चाहिए। तंजीम अब्ना-ए-दारुल उलूम के अध्यक्ष मुफ्ती यादे इलाही कासमी ने कहा कि नेताओं को ऐसे बेतुके बयान देने का कोई हक नहीं है। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान एक लोकतांत्रिक देश है। यहां सभी को अपनी मर्जी से जीवन यापन करने की आजादी है। इस देश में किसी को भी किसी की जिंदगी में दखलअंदाजी करने का कोई हक नहीं बनता है।