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खजूर के इन फायदों को नहीं जानते होंगे आप, जहर और जादू भी नहीं करता असर!

Highlights: -खजूर खाने से कई बीमारी ठीक हो जाती हैं -इसका जिक्र कुरान और हदीस की किताबों में भी है -रमजान में खजूर का खास महत्व होता है

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देवबंद। रोजेदार हर उस चीज से रोजा इफ्तार कर सकता है, जिसकी अल्लाह पाक ने तौफीक अता फरमाई है। परंतु इसका ख्याल रहे कि जो कुछ भी खाएं वह जायज और हलाल हो। रमजान विशेष इबादत का महीना है इसलिए इस मौसम में हमें कोशिश यही करनी चाहिए कि हमारा हर अमल सुन्नत के मुताबिक हो। यह बात देवबंद आलिम ने कही है।

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देवबंद आलिम बताते हैं कि पुस्तक तिर्मिजी शरीफ में कहा गया है कि खाने-पीने में भी वही तरीका अपनाएं जो हमारे नबी स.अ.व ने बता दिया है। रिवायत में है कि सरकारें दो आलम स.अ.व नमाज पढ़ने से पहले कुछ खजूरों से रोजा इफ्तार फरमाया करते थे। यदि खजूरे न होती तो छुवारे ले लिया करते थे और अगर छुवारे भी न हो तो पानी से रोजा इफ्तार कर लिया करते थे। इस संबंध में बहुत सारी रिवायते मौजूद है। एक रिवायत यह है कि जब तुम में से कोई इफ्तार करें तो उसे खजूर से रोजा इफ्तार करना चाहिए क्योंकि उसमें बरकत है। खजूर न मिले तो पानी से रोजा इफ्तार करें क्योंकि पानी पाकीजा और साफ होता है।

कुरान में भी है खजूर का जिक्र

उन्होंने बताया कि खजूर एक ऐसा फल है जिसका जिक्र कुरान करीम के साथ-साथ हदीस की किताबों में भी है। कुरान करीम में अंगूर, इंजीर, अनार और जैतून का जिक्र बहुत बार आया है लेकिन खजूर और उसके पेड़ का जिक्र कुरान पाक में 20 मर्तबा है और अनेक स्थानों पर हुजूर पाक स.अ.व ने इसका जिक्र फरमाया है। उम्मुल मोमिनीन हजरत आयशा सिद्दीका रजि. से रिवायत है कि सरकारे दो आलम स.अ.व ने इरशाद फरमाया कि जिस घर में खजूर होगी उस घर के लोग भूखे न रहेंगे।

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खजूर के इस्तेमाल से होती है अनेकों बीमारियां दूर

तिब्बे नबवी में अजवा खजूर के फायदों पर बहुत सारी रिवायते है और वर्तमान में मेडिकल साइंस के ऐतबार से भी खजूर के बेहद फायदे है। मशहूर मुहद्दिस अबू नईम की पुस्तक किताबुत तिब्ब में खजूर को अनेकों बीमारियों के लिए फायदेमंद बताया गया है। पुस्तक में लिखा है कि यदि कोई दुबला-पतला व्यक्ति मोटा होना चाहे तो उसे खजूर और खीरा खाना चाहिए। दर्द के साथ पट्ठों में यदि सिकुड़न हो तो सिकुड़न के लिए भी खजूर का इस्तेमाल फायदेमंद है और पेट में होने वाले कीड़े भी खजूर के इस्तेमाल से मर जाते है। इसके अलावा अजवा खजूर के सात दाने रोज खाने से कौढ़ को भी फायदा होता है।

जादू का नहीं होता असर

पुस्तक में कहा गया है कि हजरत आमिर रजि. के पिता अबू वकास रजि. रिवायत करते है कि मैंने साद से सुना है कि सरकारे दो आलम स.अ.व इरशाद फरमाया करते थे कि जिस शख्स ने सुबह उठते ही अजवा खजूर के सात दाने खा लिए उस दिन उसे कोई जादू और जहर नुकसान नहीं पहुंचाएगा। इब्ने माजा के अनुसार हजरत आयशा सिद्दीका रजि. का तजुर्बा है कि उन्होंने रुख्सती से पहले यह दोनों चीजें इस्तेमाल कीं और मोटी हो गई।