
सहारनपुर में फिर माहौल बिगाड़ने की कोशिश, अज्ञात लोगों ने किया कुछ ऐसा इलाके में तनाव, पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी
सहारनपुर। कुछ असामाजिक तत्वों ने एक बार फिर सहारनपुर का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की है। विकृत मानसिकता के कुछ लोगों ने ऐसी घटना को अंजाम दे डाला जिसके बारे में जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे। अभी तक देश और प्रदेश में महापुरुषों की प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आती रही हैं, लेकिन सहारनपुर में शुक्रवार को एक शहीद जवान की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया गया है।
क्या है मामला
घटना तीतरों थाना क्षेत्र के गांव रादौर की है। इसी गांव के रहने वाले सुरेश पाल के बेटे अरविंद की गांव के बाहर प्रतिमा लगी हुई है। अरविंद 21 मई 2016 को ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए थे और वह CRPF में थे। इस घटना के बाद अरविंद की याद में परिजनों ने गांव के बाहर अपने पैतृक खेत में शहीद अरविंद की प्रतिमा को स्थापित करा दिया था। लेकिन शुक्रवार को कुछ लोगों ने इस प्रतिमा को खंडित कर दिया और शहीद जवान की नाक को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस घटना का पता चलते ही मौके पर ग्रामीण इकट्ठा हो गए और परिजनों ने पूरे मामले की सूचना पुलिस को दी और घटना के विरोध में हंगामा भी किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर ग्रामीणों और शहीद के परिवार वालों को शांत कराया। वहीं तीतरों थाना प्रभारी अरुण पवार ने बताया कि यह घटना किन लोगों ने की है इसके बारे में पता लगाया जा रहा है फिलहाल अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पहले भी किया गया था प्रयास
वैसे ये पहला मामला नहीं है जब इस तरह घटना सामने आई हो ग्रामीणों ने एक चौंकाने वाली बताई। उनका कहना है कि कुछ दिन पहले भी इस तरह का एक मामला सामने आया था और अज्ञात लोगों ने प्रतिमा के पास देश विरोधी बातें लिखी थी लेकिन उस समय ग्रामीणों ने और शहीद के परिजनों ने इस घटना को नजरअंदाज कर दिया था और देश विरोधी नारों को वहां से साफ करा दिया गया था। लेकिन अब जिस तरह से दोबारा यह हरकत की गई है इससे ऐसा लग रहा है कि इस घटना को विकृत मानसिकता के कुछ लोगों द्वारा जानबूझकर अंजाम दिया जा रहा है। यह लोग क्या चाहते हैं और इस तरह से एक शहीद जवान की प्रतिमा क्षतिग्रस्त करने के पीछे इनका क्या उद्देश्य हो सकता है यह जांच का विषय है। जिस तरह से ग्रामीणों ने बताया कि देश विरोधी बातें भी पहले की गई थी इन सब के पीछे आखिर क्या सोच है और यह लोग क्या चाहते हैं इसका पता लगाना बेहद जरूरी है ।
Updated on:
16 Jun 2018, 9:16 AM IST
Published on:
16 Jun 2018, 9:10 AM IST
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