Mehbooba Mufti: महबूबा को जिस तरह से मौलानाओं के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है, कभी इमरान मसूद को भी इसी तरह की चीजें देखनी पड़ी थीं।
जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती के घाटी के एक मंदिर में जाने पर कई मुस्लिम धर्मगुरुओं ने नाराजगी जताई है। खासतौर से मुफ्ती के शिवलिंग पर जलाभिषेक से दिक्कत है। धर्मगुरुओं ने किसी देवी-देवता की पूजा को मजहब के खिलाफ कहा है।
महबूबा ने कहा- इसमें तूल देने जैसा कुछ नहीं, इमरान ने भी यही कहा था
महबूबा मुफ्ती के मंदिर जाने पर मदरसा जामिया शेखुल हिंद के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती असद कासमी और जमीयत दावतुल मुस्लिमीन के संरक्षक मौलाना कारी इसहाक समेत कई उलेमा ने एतराज जताया है।
मुस्लिम धर्मगुरुओं के बयानों पर महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि सार्वजनिक जीवन में होने पर अलग-अलग आस्थाओं के लोगों के बीच जाना ही होता है। मैं मंदिर गई तो इसमें ऐसा कुछ नहीं है जिस पर बवाल किया जाए।
महबूबा की तरह ही आज से 16 साल पहले सहारनपुर के चर्चित राजनेता इमरान मसूद ने भी यही कहा था कि मेरे मामले को तूल ना दें। इमरान मसूद के साथ क्या हुआ था, क्यों बात फतवे तक आ गई थी। ये आपको शुरू से आखिर तक बता देते हैं-
इमरान ने किया था मां शाकुंभरी देवी का दर्शन
इमरान मसूद 2007 में विधायक रहे हैं। साल 2007 में वो बेहट क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव जीते थे। इसी क्षेत्र में मां शाकुंभरी देवी मंदिर भी है। चुनाव प्रचार के दौरान इमरान को मंदिर के मंहत और दूसरे लोगों के अच्छा समर्थन मिला था।
इमरान ने चुनाव जीता तो जाकर मां शाकुंभरी देवी का दर्शन किया। दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में इमरान ने कहा कि ये मां शाकुंभरी के आशीर्वाद से ही उन्होंने ये चुनाव जीता है।
इमरान की बात मौलानाओं को बुरी लग गई
मंदिर जाकर दर्शन करने और जीत को मां शाकुंभरी का आशीर्वाद कहना कुछ मौलानाओं को बुरा लग गया। इस बयान के लिए ना सिर्फ इमरान की जमकर आलोचना की गई बल्कि कुछ ने तो उनको इस्लाम से खारिज करने के फतवे भी जारी कर दिए।
इमरान मसूद ने उस वक्त हंगामा होने के बाद कहा था कि मां शाकुंभरी का आशीर्वाद या दुआ मुझे लग गई तो इसमें क्या गैर-इस्लामी हो गया। इमरान ने तब 'तुम्हारा दीन तुम्हारे साथ, मेरा दीन मेरे साथ' कहते हुए इस मामले को खामखां तूल ना देने की अपील लोगों से की थी।
इमरान मसूद ने 2022 के विधानसभा चुनाव के वक्त कहा था कि मुझे हिन्दूविरोधी कहना ज्यादती है। उन्होंने शाकुंभरी देवी के इस वाकये को याद करते हुए मंदिर के आसपास विधायक रहते हुए बनाए गए रास्तों का भी जिक्र किया था।