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खनन माफिया हाजी इक़बाल की ग्लोकल यूनिवर्सिटी को ईडी ने किया जब्त

ईडी ने अस्थाई रूप से ग्लोकल यूनिवर्सिटी की 4 हजार 440 करोड़ रुपये कीमत की संपत्ति कुर्क किया है

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पूर्व बसपा एमएलसी एवं खनन माफिया हाजी इकबाल की ग्लोबल यूनिवर्सिटी को परिवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने जब्त कर लिया है। ED के लखनऊ कार्यालय से इसकी जानकारी एक्स पर साझा करते हुए बताया गया है कि ग्लोकल यूनिवर्सिटी की भूमि और बिल्डिंग को अस्थाई रूप से जब्त कर लिया गया है। यह कार्रवाई 2012 से चल रहे मनी लांड्रिंग एक मामले में की गई

लंबे समय से चल रही हाजी इक़बाल की तलाश

हाजी इकबाल कई महीनों से फरार चल रहे हैं। खबर है कि वो दुबई में छिपे हैं। लंबे समय से भारत की 10 से अधिक एजेंसी उनकी तलाश कर रही है लेकिन कोई पता नहीं चल पा रहा है। फिलहाल हाजी इक़बाल पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित है। पूर्व में भी उनकी काफी संपत्ति आईजेपीटी हो चुकी है अब जांच में पता चला है कि ग्लोकल यूनिवर्सिटी को अब्दुल वहीद एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के जरिए संचालित किया जा रहा था। इस ट्रस्ट का पूरा नियंत्रण और प्रबंधन मोहम्मद हाजी इकबाल और उनका परिवार करता था। कई वर्षों से एड मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत दर्ज हुए मामले की जांच कर रही है। सीबीआई ने खनन घोटाले की एक रिपोर्ट हाजी इकबाल के खिलाफ दर्ज कराई थी। इस FIR में आरोप था कि खनन के पट्टो में धांधली की गई है। इस रिपोर्ट में लीज होल्डर महमूद अली, दिलशाद, मोहम्मद इनाम, महबूब आलम, नसीम अहमद, अमित जैन, नरेंद्र कुमार जैन, विकास अग्रवाल, मोहम्मद इकबाल का बेटा मोहम्मद वाजिद, मुकेश जैन, नरेंद्र कुमार, पुनीत कुमार के अलावा कुछ सरकारी अफसरों को भी नामजद किया था। जब जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि सारी खनन फर्म का स्वामित्व और संचालन मोहम्मद इकबाल के पास ही था। इन फर्म में भारी मात्रा में पैसों का लेनदेन हुआ था। अधिकतर रकम को असुरक्षित कर्ज और दान के रूप में दिखाया गया। आगे की जांच में पता चला कि इस पैसे से ही यूनिवर्सिटी की भूमि खरीदी गई और बिल्डिंग खड़ी की गई।इस तरह करीब 500 करोड़ रुपये ट्रस्ट के जरिए ग्लोकल यूनिवर्सिटी में निवेश कर दिए गए। आज की के अनुसार यूनिवर्सिटी की भूमि और भवन का बाजार मूल्य करीब 4 हजार 440 करोड़ रुपये आंका गया है। इसी आधार पर कहा जा रहा है कि ईडी ने ग्लोबल यूनिवर्सिटी की 4 हजार 440 करोड रुपए की संपत्ति को जब्त कर लिया है।