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सर्दियों में होते हैं सबसे अधिक ब्रेन स्ट्रॉक, अटैक से पहले शरीर देता है ये संकेत

ब्रेन स्ट्रॉक Brain Stroke को आम बोलचाल की भाषा में लकवा भी कहा जाता है। यह दो प्रकार के होते हैं। एक में नस फट जाती है तो दूसरे में नस ब्लॉक हो जाती है। दोनों के लक्षण एक जैसे ही हैं। आईये डॉक्टर संजीव मिगलानी से जानते हैं लक्षण और उपचार भी।

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brain stroke

ब्रेन स्ट्रॉक एक ऐसी बीमारी है जो दिमाग के कार्य करने की क्षमता को बाधित कर देती है। ब्रेन सट्रॉक या ब्रेन हेम्ब्रेज दिमाग की नसों पर अधिक जोर पड़ने से होता है। यह दो प्रकार से होता है। एक में दिमाग की नस फट जाती है और खून दिमाग में फैल जाता है। दूसरे में दिमाग की नस गुब्बारे की तरह फूल जाती है और खून का थक्का जम जाता है। दोनों ही स्थिति में आदमी के शरीर के कुछ अंग काम करना बंद कर देते हैं। जुबान तुतलाने लगती है। चक्कर आने लगते हैं और कभी-कभी उल्टी जैसा मन भी होता है।

डॉक्टर संजीव मिगलानी के अनुसार ब्रेन हेम्ब्रेज या ब्रेन स्ट्रॉक या लकवा मारने पर सबसे पहले दिमाग की जांच यानी सिटी स्कैन CT Scan या फिर एमआरआई MRI करानी होती है। इस बीमारी में देरी करना रोगी की जान के लिए सबसे बड़ा खतरा है। लकवे के लक्षण दिखते ही रोगी को तुरंत चिकित्सक के पास ले जाना चाहिए। समय रहते इलाज मिल जाने पर इस अटैक के रोगी को ठीक किया जा सकता है। इसके विपरीत 24 घंटे का समय बर्बाद हो जाने के बाद लकवे के रोगी को पूरी तरह से ठीक करना मुश्किल हो जाता है।

जानिए लक्षण
लकवा मारने पर रोगी का चेहरा टेढ़ा होने लगता है। जुबान तुतलाने लगती है। शरीर का एक हिस्सा यानी एक साइड का पैर और हाथ कम काम करने लगता है। उल्टी जैसा मन हो सकता है और चक्कर आ सकते हैं। ऐसे लक्षण अगर शरीर में दिखाई दें तो ये ब्रेन स्ट्रॉक, ब्रेन हेम्ब्रेज या लकवा हो सकता है।

ऐसे करें जांच
ब्रेन स्ट्रॉक का पता लगाने के लिए रोगी के दोनों हाथों को अपने दोनों हाथों से मजबूत पकड़ ले और फिर रोगी को दोनों हाथ छुड़ाने के लिए कहें। अगर रोगी सिर्फ एक हाथ से ही ताकत लगा पाता है और दूसरे हाथ को नहीं छुड़ा पाता तो ये लकवे के लक्षण हैं। इसके बाद रोगी को कहें कि वो अपने गालों में हवा भरे। यदि व ऐसा नहीं कर पाता और मुंह के एक हिस्से से हवा निकल जाए तो ये भी लकवे का ही लक्षण है। इसके अलावा बोलने में जुबान का लड़खड़ाना भी लकवे का ही लक्षण है।

ऐसे करें बचाव
लकवे के रोगी को जितना जल्दी हो सके चिकित्सक के पास ले जाएं। नस फटी है या फिर थक्का जमा है इसका पता लगाने के लिए डॉक्टर की सलाह पर सिटी स्कैन या एमआराई कराएं। इसके बाद चिकित्सक की सलाह के अनुसार जल्द से जल्द उपचार लें।

ये बरतें सावधानी
अगर आप इस रोग से बचना चाहते हैं तो अपना ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखें। शराब और सिगरेट का सेवन करने से बचें। अच्छी नींद लें। सुबह की सर्दी से बचें। चिंता करने से बचें और हर दिन व्यायाम जरुर करें।