7 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

#Mothersday तो क्या माँ की कोख मे ही दम तोड़ रही हैं भविष्य की माँ यानी बेटियां

- बड़ा सवाल: लगातार ऐसे हो घटती रही बेटियों की संख्या तो कहाँ से लाओगे माँ - चाैंका देने वाले हैं गत वर्षो के आंकड़े - मदर्स डे पर साेचने काे मजबूर कर रहे ये आकड़ें

3 min read
Google source verification
Pregnant women will worship and read religious books

mothersday

सहारनपुर। 'माँ' एक ऐसा शब्द है जिसके उच्चारण मात्र से तन मन ममतामई हो जाता है लेकिन इस मदर्स डे पर हम कुछ ऐसे आंकड़े आपके सामने लेकर आए हैं जो बेहद चौंका देने वाले हैं।

आपको यह जानकर हैरानी होगी कि माँ की कोख से अब बेटियां कम और बेटे अधिक जन्म ले रहे हैं। पिछले चार वर्षों में बेटियों और बेटों के जन्म लेने के ग्राफ का अंतर का दोगुना हो चला है। वर्ष 2015 में सहारनपुर जिले में बेटे और बेटियों का अंतर महज 1785 था और आज 2019 में यह ग्राफ बढ़कर 2800 के आंकड़े को भी पर कर गया है। अगर सीधे शब्दों में कहा जाए तो आज बेटों की अपेक्षा हर वर्ष 2800 से भी कम बेटियां जन्म ले रही हैं। आशंका जताई जा रही हैं कि वर्ष 2019 में दिसम्बर माह तक यह अंतर 3000 के आंकड़े को भी पर कर सकता है।
ऐसे में साफ है कि आने वाले समय में माँ भी किश्मत वालों को ही नसीब होगी। वैसे तो सहारनपुर जिले को सिद्ध पीठ मां शाकंभरी देवी का आशीर्वाद प्राप्त है और इसी सहारनपुर में सिद्धपीठ त्रिपुर बाला सुंदरी देवी का भी मंदिर है। यहां की बेटियां भी विश्व स्तर पर नाम कमा चुकी हैं। यूपी क्षेत्र में दुनिया भर में नाम कमाने वाली आचार्य प्रतिष्ठा शर्मा हों या फिर बड़े पर्दे पर अपनी पहचान बनाने वाली कायनात अरोड़ा हों सहारनपुर की बेटियां सभी क्षेत्रों में आगे रही हैं लेकिन अब सहारनपुर जिले के जो आंकड़े सामने आ रहे हैं वह बेहद चौंकाने वाले हैं। अगर पिछले 4 वर्षों के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो इन आंकड़ों को देखकर आप भी हैरान रह जाएंगे।


वर्ष 2015 16 में सहारनपुर में 33020 बेटों ने जन्म लिया जबकि इसी वर्ष जन्म लेने वाली बेटियों की संख्या 31235 रही।
वर्ष 2016 -17 में 31,220 बेटों ने जन्म लिया तो इस वर्ष जन्मी बेटियों की संख्या महज 30,496 ही रही
वर्ष 2017-18 में बेटे और बेटियों के बीच का अंतर और बढ़ गया इस वर्ष 28090 बेटों ने जन्म लिया तो बेटियों की संख्या 25 566 ही रह गई।

वर्ष 2018-19 के आंकड़े और भी चौंका देने वाले हैं वर्ष 2018 -19 में सहारनपुर जिले में 31190 बेटों ने जन्म लिया तो बेटियों की संख्या 28 381 ही रह गई। इन पिछले 4 वर्षों के आंकड़ों में आप देखेंगे कि जन्म लेने वाली बेटियों और बेटे दोनों की संख्या में कमी तो आ रही है लेकिन बेटियों की संख्या में कमी का ग्राफ बेहद तेजी से गिर रहा है। बेटियों की जन्मदर कम हाेने की वड़ी वजह गैरकानूनी ढंग से गर्भावस्था में ही जन्म से पहले शिशु की जांच को माना जा रहा है। इसलिए इस मदर्स-डे पर हम सभी को यह सोचना होगा कि अगर आने वाले समय में भी इसी तरह से बेटियों के जन्म लेने की संख्या का ग्राफ गिरता रहा तो आने वाले समय में माँ की भी कमी हो सकती है।


शहरों की अपेक्षा गांव में कम हो रही बेटियों की संख्या
सहारनपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी बीएस साेढी मानते हैं कि शहर से अधिक गांव में बेटियों की जन्म दर कम हो रही है इसके पीछे वह जागरुकता और शिक्षा का अभाव बताते हैं। उनका कहना है कि गर्भ से पूर्व जांच कानूनी अपराध है और इसके लिए शहर में लगातार अभियान चलते रहते हैं। पूरे जिले में अभियान चलाए जाते हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी भले ही अभियान चलाए जाने की बात कह रहे हो लेकिन यह भी किसी से छिपा नहीं है कि पिछले कुछ वर्षों में पड़ोसी राज्य हरियाणा की पुलिस टीमों ने सहारनपुर के ननौता गंगोह और सिटी क्षेत्र में छापे मारकर यहां अवैध रूप से चल रहे अल्ट्रासाउंड केंद्रों को पकड़ा है।

UP News से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Uttar Pradesh Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter पर ..
UP Lok sabha election Result 2019 से जुड़ी ताज़ा तरीन ख़बरों, LIVE अपडेट तथा चुनाव कार्यक्रम के लिए Download करें patrika Hindi News App