देवबंद. दारुल उलूम देवबंद के ऑनलाइन फतवा विभाग के चेयरमैन मुफ्ती मौलाना अरशद फारूकी ने प्रधानमंत्री की ओर से मन की बात कार्यक्रम में मुस्लिम महिलाओं को अकेले हज पर जाने के लिए विशेष सुविधा देने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मौलाना फारूकी ने कहा कि यह वजीर-ए-आजम की अपनी राय हो सकती है। इसके लिए उन्हें इंतजाम भी करने होंगे। आगे उन्होंने कहा कि बिना मेहरम के हज पर जाने पर दो राय हैं। एक तो यह कि बिना मेहरम हज पर जाना नाजायज है और दूसरी यह कि बिना मेहरम के हज पर जाना जायज है। यानी बुजुर्ग और उम्रदराज मुस्लिम महिलाएं ग्रुप में हज पर जा सकती हैं। तीसरी बात यह है कि हज पर जाने वाली मुस्लिम महिलाओं की सुरक्षा की दृष्टि से मेहरम साथ में ले जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब राजधानी जैसी जगाहों पर बिना मेहरम के जाने वाली एक महिला की इज्जत तार-तार हो सकती है तो बिना मेहरम के अकेले हज के लिए विदेश जाने वाली महिलाओं के लिए कुछ भी हो सकता है। इसलिए शरीयत के बारे में कहने से पहले शरीयत को जानना भी जरूरी है।