
देवबंद. लॉकडाउन के चलते जमाखोरी करने और सामानों की कीमत ज्यादा लेने को लेकर देवबंद के आलिम ने चेतावनी देते हुए कहा है कि शरीयत लोगों को ऐसा करने की इजाजत नहीं देती है। उन्होंने कहा है कि ऐसा किया तो कयामत के दिन आपको हक तलफी (हक मारना) का हिसाब देना होगा। इस दौरान देवबंदी आलिम मुफ्ती अहमद गोड़ ने लोगों से इंसानियत का फर्ज निभाते हुए जरूरतमंद लोगों की मदद करने की अपील भी की।
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में 21 दिन का लॉकडाउन घोषित कर दिया है। इस घोषणा के बाद से ही बाजारों में दुकानदार लोगों से सामान की अधिक कीमत वसूल रहे हैं। इस दौरान जमाखोर गाढ़ी कमाई करने में जुट गए हैं। ऐसा करने वालों को देवबंद के आलिम मुफ्ती अहमद गोड़ ने सख्त लहजे में नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि शरीयत में अधिक कीमत पर सामान बेचने की बिल्कुल इजाजत नहीं है। उन्होंने कहा कि जरूरत से ज्यादा मुनाफा लेना शरीयत में मना है। ऐसे हालात में लोगों की जरुरीयत का नाजायज फायदा उठाने को जखरीयात आन्दोलन कहते हैं। जमाखोरी करना इंसानियत के खिलाफ है। कानून और शरीयत दोनों ही इस चीज के लिए मना करती है।
उन्होंने कहा कि लोगों की मजबूरी का नाजायज फायदा उठाना भी एक तरह की चोरी है। इसके साथ ही मुफ्ती ने उन लोगों की भी नसीहत दी है, जो जरूरत से ज्यादा सामान खरीद रहे हैं और ज्यादा समान अपने घर में एकत्रित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की वजह से अन्य लोगों को सामान नहीं मिल पा रहा है। यह भी हक तलफी कहलाता है। उन्होंने सभी लोगों से अपील करते हुए कहा है कि आपको अल्लाह ने रहमत दी है। इसलिए आपका फर्ज बनता है कि इस घड़ी में गरीब लोगों की सहायता करें। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं करोगे तो कल कयामत के दिन हक तलफी का हिसाब देना होगा।