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#Navratri ऐसे करेंगे मां भगवती की पूजा-अर्चना ताे मिटेंगे सारे कष्ट मिलेगा मनचाहा फल

- चैत्र नवरात्र पर मां भगवती की पूजा की सही विधि - जानिए नवरात्र में कैसे की जाती है मां भगवती की पूजा - नाै दिन तक करेंगे पूजा ताे मां खुश हाेकर भरेंगी झाेली

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सहारनपुर। नवरात्र में भी सभी मां भगवती की पूजा अर्चना करते हैं लेकिन फल सभी काे नहीं मिलता। क्या आपने कभी साेचा है कि ऐसा क्याे हाेता है ? दरअसल पूजन में विधि और विधान का बहुत महत्व हाेता है। अक्सर हम पूजा अर्चना में सही विधि नहीं अपनाते। आईए सहारनपुर निवासी आचार्य पंडित राेहित वशिष्ठ से जानते हैं कि आखिर इन चैत्र नवरात्र में मां भगवती की पूजा की सही विधि क्या है और वह काैन सी विधि से जिससे पूजा अर्चना की जाए ताे मन चाहा फल प्राप्त हाेता है।

ऐसे करें पूजा
सर्वप्रथम अपने पूजा घर में पूरब और उत्तर के कोने में रेत या मिट्टी में जाैं बोएं। उसके ऊपर जल से भरा हुआ कलश रखें। कलश में एक सुपारी दो लोंग दो इलायची, दूर्वा (घास) एक जायफल एक पान का पत्ता एक आम की टहनी पिसी हुई थोड़ी हल्दी रोली एवं गंगाजल डालें। आम के पत्ते कलश के ऊपर रखें। ध्यान रहे, आम के पत्तों की संख्या 5,7,9 या 11 होनी चाहिए। एक पात्र में चावल भरकर उसे कलश के ऊपर रखें। नारियल के ऊपर लाल चुनरी लपेटकर उसमें कुछ दक्षिणा भी रख दें। नारियल कलश के ऊपर इस प्रकार रखे कि नुकीला भाग पूरब की ओर हो। एक लाल पुष्प कलश पर चढ़ाकर कलश को प्रणाम करें। चोकी पर लाल वस्त्र बिछाकर उसके ऊपर मां भगवती की मूर्ति या फोटो स्थापित करें। मां को एक चुनरी अर्पण करें। मां के सामने 9 दिन के लिए अखंड ज्योत प्रज्जवलित करें। अखंड ज्योत के लिए शुद्ध देसी घी, तिल का तेल या फिर सरसों के तेल प्रयोग करना उचित रहता है । इतनी विधि ताे प्रथम नवरात्र की है जब आपकाे कलश स्थापित करना है।

दूसरे, तीसरे, चाैथे, पांचवे, छठे, सातवे और आठवे व नाैवे नवरात्र की पूजा

मां भगवती के सम्मुख दीपक जलाकर लाल पुष्प लेकर के भगवती दुर्गा का ध्यान करें। पुष्प माँ के चरणों में अर्पण करें। माँ को वस्त्र चढ़ाएं। वस्त्र के रुप में लाल चुनरी चढ़ाना उपयुक्त है। मां को रोली से सुंदर तिलक करें। मां को अक्षत (चावल) चढ़ाएं। एक लाल फूल भी मां को चढ़ाएं। मां को धूप दीप दिखाएं। भगवती को मावे से बना भोग अर्पण करें अगर मावे से तैयार भाेग ना हाे ताे काेई भी मिष्ठान मिसरी आदि का भी भाेग लगाएं। इसके बाद दो लाल फल चढ़ाएं, पान अर्पण करें। पान के साथ दो लाेंग दो इलायची और एक सुपारी भी चढ़ा सकते हैं। मां के चरणों में दक्षिणा अर्पण करें और लाल पुष्प लेकर के मां से प्रार्थना करें। प्रार्थना करते समय यह मंत्र बोले

या देवी सर्वभूतेषु मातृरुपेण संस्थिता:।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ।।

यदि संभव हो तो मां के सम्मुख बैठकर 108 बार मां के प्रिय मन्त्र " ओम ऐम् ह्री क्लीं चामुण्डायै विच्चै " मंत्र का जप करें। इस प्रकार प्रतिदिन मां की आराधना करने से 9 दिन में मां प्रसन्न होकर आपको धन-धान्य सुख समृद्धि एवं सुख शांति प्रदान करेंगी। यहां यह जानना जरूरी है कि उपर जितने सामान बताए गए हैं उनमें से जाे उपलब्ध ना हाे उसे मानसिक रूप से भी आप मां काे अर्पित कर सकते हैं। जैसे अगर आपके पास मावे का भाेग नहीं है ताे मन में ध्यान करें और मां भगवती काे नमन करते हुए उन्हे मन से भाेग लगाएं।