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ट्रेन हादसे ने छीन लिया घर का इकलौता चिराग

सेहरा बंधने के पहले पहन लिया कफ़न, खतौली ट्रेन हादसे में विनीत की मौत पर सहारनपुर बाजार बंद, व्यापारियों ने बाजार बंद करके जताया मौत पर दुख

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ONLY SON DIED IN KHATAULI TRAIN ACCIDENT

ONLY SON DIED IN KHATAULI TRAIN ACCIDENT

सहारनपुर। खतौली में हुए भीषण रेल हादसे की आंच सहारनपुर तक पहुंची है। उत्कल एक्सप्रेस में सहारनपुर के कई लोग सवार थे जिनमें से दो की दर्दनाक मौत हो गई है मरने वालों में 70 वर्ष की एक महिला और 28 वर्ष का नौजवान सुमित गर्ग शामिल है। सुमित गर्ग सहारनपुर के पुराने शहर के मोहल्ला चोनताला के रहने वाले थे। सुमित गर्ग एक प्राइवेट बैंक में नौकरी करते थे और 3 महीने पहले उनका ट्रांसफर सहारनपुर से मेरठ हो गया था। वह प्रत्येक शनिवार को ट्रेन सहारनपुर आते थे और फिर सोमवार की सुबह मेरठ के लिए रवाना हो जाया करते थे। हर सप्ताह की तरह वे इस शनिवार को भी मेरठ से सहारनपुर के लिए ट्रेन में रवाना हुए. अभी ट्रेन खतौली पहुंची ही थी कि इस भीषण हादसे में सुमित गर्ग की मौत हो गई। बताया जाता है कि जब ट्रेन की दुर्घटना ग्रस्त होने की सूचना सहारनपुर पहुंची तो सुमित की तलाश के लिए 40 से अधिक लोग खतौली के लिए रवाना हो गए. देर रात सुमित का शव मिला तो पुराने शहर में जैसे दुख का मातम पसर गया। सुमित का व्यवहार ऐसा था कि रविवार को उसके मौत हो जाने के दुख में पूरा लोहा बाजार बंद रहा। व्यापारियों ने अपनी दुकान नहीं खोली और पुराने शहर में जैसे दिन भर सन्नाटा पसरा रहा। यहां सभी का यही कहना था कि सुमित गर्ग बेहद मिलनसार था और उसकी मौत से हर कोई दुखी है।

दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाएं रेलवे की एजेंसियां

सुमित की मौत पर दुखी लोगों ने यही कहा कि खतौली में जो रेल दुर्घटना हुई है उसके पीछे के सही कारणों का पता लगाया जाए. जिन लोगों की वजह से यह दुर्घटना घटी है उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।







इकलौता बेटा था सुमित गर्ग

सुमित अपने घर में अकेला था उसकी बड़ी बहन की शादी हो चुकी है और इन दिनों सुमित के रिश्ते की बात चल रही थी। सुमित के परिवार में सब कुछ ठीक चल रहा था और माता-पिता आप अपने बेटे किसी पर चेहरा बांधने के सपने देख रहे थे उन्होंने कभी सोचा भी नहीं होगा कि जिस नौजवान बेटे के सिर पर वह सेहरा बांधने के सपने देख रहे हैं उसके सिर पर कफ़न बांध जाना है। सुमित की मौत के बाद से उसकी माता पिता और बहन का रो-रो कर बुरा हाल है रिश्तेदार किसी तरह से उन्हें ढांढस बंधा रहे हैं।

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