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अगर कुछ भी छूने से लग रहे हैं करंट जैसे झटके तो जान लीजिए इसके पीछे का विज्ञान

changing weather बदलते मौसम के चलते लोगों को गिलास उठाते हुए या दरवाजे को छूते हुए करंट जैसे झटके का आभास हो रहा है। आईए विशेषज्ञों से जानते हैं इसके पीछे का विज्ञान

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प्रतीकात्मक फोटो

आजकल लोगों को अचानक करंट ( electric shocks ) जैसा झटका लग रहा है। गेट खोलते हुए बर्तन उठाते हुए या फिर किसी भी वस्तु को छूने पर अचानक तेज करंट झटका लगता है। ये झटका इतना तेज होता है कि आपका हाथ अचानक उस स्थान से हट जाता है। अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है तो जान लीजिए कि आप अकेले नहीं है। इन दिनों बहुत से लोगों के साथ ऐसा हो रहा है। लोगों के अचानक करंट जैसा झटका लग रहा है। इसके पीछे मौसम में बदलाव को कारण बताया जा रहा है।

इन दिनों करंट के ये झटके सबसे अधिक महलाओं को लग रहे हैं। महिलाएं घर में काम करती हैं तो अचानक कुछ भी छूने पर उन्हे करंट जैसा अहसास होता है। पंजाबी बाग की रहने वाली गृहणी सुनीता का कहना है कि इन दिनों अचानक नल की टोटी को छूने पर भी करंट जैसा झटका लग रहा है। कभी-कभी डस्टिंग करते हुए अचानक मैटल पर हाथ लगने से करंट के झटके जैसा अहसास होता है। माधोनगर निवासी गृहणी, नीतू ने बताया कि जब उन्हे पहली बार ये झटका लगा तो वो कपड़े धो रही थी। उन्होंने बिजली वाले को बुलाया और वाशिंग मशीन चेक कराई लेकिन बिल्कुल ठीक थी। बाद में पता चला कि इस तरह के झटके अचानक काम करते हुए लोगों के लग रहे हैं।

मेरठ स्थित चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ( Chaudhary Charan Singh University ) के भौतिक विज्ञान विषय ( Physics ) के विभागाध्यक्ष डॉक्टर वीरपाल सिंह का कहना है कि ये एक सामान्य प्रक्रिया है। वैज्ञानिक रूप से ये स्टेटिक इलेक्ट्रिक आवेश से उत्पन्न होने वाले प्रोटोन और न्यूट्रोन के कारण होता है। इसकी वजह से हमें करंट जैसे झटके का आभास होता है। ऐसा अक्सर मौसम में होने वाले बदलाव के चलते होता है। हवा में नमी कम होने वाले दिनों में ऐसा अधिक होता है। डाॅक्टर वीरपाल बताते हैं कि न्यूट्रोन और प्रोटोन आवेश का एक जगह से दूसरी जगह पर स्थानांतरण होता है। जलवाष्प के चलते ये एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानातरित होता रहता है। जब वातावरण में जलवाष्प बनना बंद हो जाता है तो इनका आवेश प्रवाहित नहीं होता ऐसे में हमें कुछ भी छूने से करंट जैसे झटके का आभास होता है।