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पुलिस कर चुकी है 125 करोड़ की संपत्ति कुर्क, जानिए कौन है पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल

पूर्व बसपा एमएलसी और सहारनपुर के खनन कारोबार को लेकर अक्सर चर्चाओं में रहने वाले हाजी इकबाल की पुलिस अब तक 125 करोड रुपए की संपत्ति सीज की जा चुकी है। इस संपत्ति को गैंगस्टर एक्ट में कुर्क किया गया है। उत्तर प्रदेश में अब तक गैंगस्टर एक्ट के तहत यह सबसे बड़ी कार्रवाई है।

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Haji Iqbal

सहारनपुर। यूपी में अगर खनन की बात को तो पूर्व बसपा एमएलसी हाजी इकबाल का नाम सबसे पहले आता है। सहारनपुर के खनन कारोबार को लेकर हाजी इकबाल अक्सर चर्चाओं में रहने वाला नाम है। यह अलग बात है कि आज तक हाजी अकबाल के नाम से कोई खनन पट्टा तक नहीं है लेकिन बसपा से लेकर सपा सरकार तक में हाजी इकबाल का खनन का काम कभी रुका नहीं।

अब भाजपा सरकार आने के बाद हाजी इकबाल पर शिकंजा कसना शुरू हुआ है। पुलिस अब तक इकबाल की 125 करोड रुपए की संपत्ति सीज की जा चुकी है। इस संपत्ति को गैंगस्टर एक्ट में कुर्क किया गया है। उत्तर प्रदेश में अब तक गैंगस्टर एक्ट के तहत यह सबसे बड़ी कार्रवाई बताई जा रही है।

बताया जाता है कि, आज से करीब दो दशक पूर्व हाजी इकबाल मिर्जापुर क्षेत्र में परचून की दुकान किया करता था। इसके बाद हाजी इकबाल ने वन तस्करी शुरू की और खैर की लकड़ी की तस्करी करना शुरू कर दिया। उस समय हाजी इकबाल के खिलाफ कुछ मुकदमे भी दर्ज हुए थे। इसके बाद करीब 15 वर्षों में हाजी इकबाल ने अपना इतना बड़ा नेटवर्क खड़ा कर दिया और सहारनपुर में हजारों बीघा में ग्लोकल यूनिवर्सिटी भी बना दी। हाजी इकबाल खुद इस यूनिवर्सिटी के चांसलर हैं।

बताया जाता है कि हाजी इकबाल इतना शातिर है कि उसने एक साथ 16-16 अवैध खनन के पट्टे चलाए लेकिन किसी भी कागजात में कभी अपना नाम शामिल नहीं होने दिया। हाजी इकबाल को सबसे बड़ा फायदा बसपा और समाजवादी पार्टी की सरकार में हुआ। बसपा सरकार में हाजी इकबाल को मायावती के एक बेहद करीबी का दाहिना हाथ कहा जाता था। समाजवादी पार्टी की सरकार में भी कभी हाजी इकबाल के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हुई।

उत्तर प्रदेश में जब भाजपा की सरकार आई तो सहारनपुर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच से कहा था कि यहां के भू माफिया और खनन माफिया को सबक सिखाएंगे। इससे पूर्व सहारनपुर के ही रहने वाले गुरप्रीत सिंह बग्गा जो वर्तमान में भाजपा नेता है उन्होंने हाजी इकबाल के खिलाफ आवाज उठाई थी। उस समय एनजीटी ने पहली बार हाजी इकबाल पर वर्ष 2016 में ढाई सौ करोड रुपए का जुर्माना लगाया। हाजी इकबाल ने कभी भी अपना नाम किसी पट्टे में शामिल नहीं किया था ऐसे में जुर्माना एनजीटी ने हाजी इकबाल के भाई और परिवार के अन्य सदस्यों समेत उसके सिंडिकेट पर लगाया। कागजों में भले ही जुर्माना सिंडिकेट पर लगा हो लेकिन झटका हाजी इकबाल को ही लगा था।

गुरप्रीत सिंह बग्गा के बाद रणवीर सिंह नाम के एक व्यक्ति ने ईडी में शिकायत करते हुए हाजी इकबाल की अकूत संपत्ति की जांच करवाई। इसके बाद जब प्रदेश में भाजपा की सरकार आई तो हाजी इकबाल की मुश्किलें बढ़ना शुरू हुई। अब हालात यह हैं कि पुलिस हाजी इकबाल के तीन बेटों को गिरफ्तार कर चुकी है। सहारनपुर एसएसपी आकाश तौमर का कहना है कि जल्द ही हाजी इकबाल भी सलाखों के पीछे होगा। सूत्रों की माने तो पुलिस अब दुबई तक हाजी इकबाल की तलाश कर रही है।

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