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समंदर के रास्ते नाव से भारत आया था सहारनपुर से पकड़ा गया रोहिंग्या परिवार, पत्नी ने खोला राज

सहारनपुर से पकड़े गए मुस्लिम रोहिंग्या कैफितुल्ला के परिवार वालों ने बताया है कि वो 13 साल से सहारनपुर में रहे हैं। उनके पास बर्मा और भारत के कागजात हैं। नाव से दिल्ली आए और सहारनपुर में बस गए।

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सहारनपुर की एकता कालोनी से पकड़े गए रोहिंग्या के परिवार से पूछताछ करती पुलिस

यूपी एटीएस UP ATS ने सहारनपुर, मेरठ, गाजियाबाद हापुड़ और अलीगढ़ समेत मथुरा से करीब 74 मुस्लिम रोहिंग्या को हिरासत में लिया है। यूपी ATS के इस एक्शन के बाद वेस्ट यूपी में इंटेलिजेंस एजेंसियां और पुलिस भी सतर्क हो गई है। अब मुस्लिम बस्तियों में जाकर यहां रह रहे परिवारों की पहचान की जा रही है। रजिस्टर बनाकर इनके नाम दर्ज किए जा रहे हैं। दरअसल सहारनपुर से पकड़े गए रोहिंग्या के मामले में एटीएस ने कहा था कि वो दोनों यहां अकेले रहते हैं और उनका परिवार नहीं रहता लेकिन अब इनका परिवार भी सामने आ गया है। पकड़े गए रोहिंग्या की पत्नी ने यह खुलास किया है कि वो किस तरह से भारत में आए थे।

सहारनपुर की एकता कॉलोनी से पकड़े गए मुस्लिम रोहिंग्या कैफितुल्ला के घर पुलिस टीम भी पहुंची थी। कुतुबशेर थाना क्षेत्र की इस कालोनी के एक मकान में किराए पर कैफितुल्ला अपनी पत्नी दिलदार बेगम और उसके छह बच्चों के साथ रहता था। एकता कालोनी में सकूरी मस्जिद के पास मुनीर का मकान है। मुनीर नमाज पढ़ाने का काम करता है। इसके मकान की दूसरी मंजिल पर यह परिवार रहता है। इस मकान का किराया तीन हजार रुपये प्रतिमाह है। पूछताछ में पता चला कि कैफितुल्ला स्लाटर हाउस में काम करता है और यहीं से परिवार को पालता है।

कैफितुल्ला की पत्नी बोली समंदर के रास्ते नांव से आए थे भारत
कैफितुल्ला की पत्नी दिलदार बेगम ने पूछने पर बताया कि 'हम 13 साल से सहारनपुर में रह रहे हैं। हमारे छह बच्चे हैं। पति कैफितुल्ला कमेला कॉलोनी के ही एक स्लाटर हाउस में मजदूरी करते हैं। पुलिस ने हमसे काफी पूछताछ की है। पूछने पर दिलदार बेगम आगे बताती हैं कि उनके कागजात बर्मा और भारत देश के बने हैं। नांव में बैठकर पानी के रास्ते भारत आए फिर गाड़ी में बैठकर दिल्ली पहुंचे और फिर सहारनपुर आकर रहने लगे। यह सारी जानकारी दिलदार बेगम ने मीडियाकर्मियों को दी।

वेस्ट के कई जिलों में चला था धरपकड़ अभियान
आंतकवाद निरोधक दस्ता (ATS) ने वेस्ट यूपी में धरपकड़ अभियान चलाया था। इस अभियान में सहारनपुर से दो, मेरठ से महिला समेत दो, हापुड़ से एक महिला और तीन नाबालिग समेत कुल 13 और गाजियाबाद से एक महिला समेत चार को हिरासत में लिया था। इसी तरह से अलीगढ़ से दस महिलाओं समेत 17 लोग और मथुरा से दो महिलाओं समेत 29 को हिरासत में लिया था।

ये रह रहे थे सहारनपुर में
सहारनपुर की कमेला कॉलोनी से ATS ने अनवर सादिक पुत्र आलम सय्यद निवासी ग्राम तोनजोंग फकीर बाजार थाना मौण्डू जिला एक्यव म्यामार को हिरासत में लिया। ये अकबर पुत्र सलामुद्दीन निवासी हलवाईयान मस्जिद के पास थाना मंडी सहारनपुर के घर किराए पर रह रहा था। एटीएस ने दूसरे रोहिंग्या कैफितुल्ला पुत्र हालू निवासी ग्राम कुंडावारा थाना हसूरता जिला मुन्डू म्यांमार को हिरासत में लिया। ये एकता कालोनी स्थित मुनीर के मकान में रह रहा था। इनमें से एक स्लाटर हाउस में काम करता था और दूसरा कबाड़ी का काम कर रहा था। प्राथमिक पूछताछ के बाद एटीएस ने अपना बयान जारी किया था और कहा था कि दोनों अकेले रहते हैं इनका परिवार यहां नहीं रहता लेकिन अब इनका परिवार भी सामने आ गया है।