
सहारनपुर। महानगर मेरठ और गाजियाबाद को पछाड़कर उत्तर प्रदेश का अंतिम जिला सहारनपुर और मुरादाबाद आखिरकार स्मार्ट सिटी में शामिल हो गया है। तीन बार पिछड़ने के बाद चौथे राउंड में वेस्ट यूपी के इन दो जिलों को यह सफलता मिली है। स्मार्ट सिटी में शामिल होने के बाद सहारनपुर के लोगों में खुशी की लहर है। यहां के लोग अभी तक सहारनपुर को टापू बताते थे और उत्तर प्रदेश का यह आखिरी जिला है, एक टापू बनकर रह गया है।
तीन राउंड में असफलता हाथ लगने से टूट रही थी उम्मीद
सहारनपुर और मुरादाबा चौथे और अंतिम ग्राउंड में स्मार्ट सिटी में शामिल हुआ है। इससे पहले तीन राउंड में सहारनपुर की स्मार्ट सिटी वाली प्रजेंटेशन सफल नहीं हो सकी और बार-बार निराशा ही हाथ लगी। ऐसे में सहारनपुर के लोगों को भी अब उम्मीद नहीं लग रही थी कि इसे स्मार्ट सिटी का तोहफा मिल पाएगा। ऐसे में अंतिम चरण में सहारनपुर का स्मार्ट सिटी में शामिल होना सहारनपुर के लोगों के लिए किसी बड़े तोहफे से कम नहीं है।
अब शुरू होगी असली मेहनत
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल का कहना है की स्मार्ट सिटी में सहारनपुर शामिल हो गया है और अब असली मेहनत शुरू होगी। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी में सहारनपुर के शामिल होने के बाद प्रशासनिक अमले के अलावा हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और उसका निर्वहन भी करना होगा। स्मार्ट सिटी में शामिल होने के बाद अब सहारनपुर में कई प्रोजेक्ट पर काम होगा। इसके लिए सरकार से मदद जरूर मिलेगी, लेकिन संसाधन सहारनपुर से जुटाने होंगे, इसके लिए सहारनपुर के लोगों का सहयोग बेहद जरूरी है।
अब होगा सहारनपुर का संपूर्ण विकास
सांसद राघव लखन पाल शर्मा का कहना है कि सहारनपुर का स्मार्ट सिटी में शामिल होना हम सभी के लिए गौरव की बात है। उन्होंने यह भी कहा कि वह 20 दिन पहले भी मंत्रालय गए थे और लगातार इसकी पैरवी कर रहे थे। उन्होंने बताया कि सहारनपुर स्मार्ट सिटी में शामिल होने के साथ-साथ एनसीआर में भी शामिल हो चुका है यानि अब सहारनपुर का संपूर्ण विकास होगा।
वहीं, सहारनपुर के प्रथम मेयर संजीव वालिया का कहना है कि सहारनपुर के स्मार्ट सिटी में शामिल होना सहारनपुर वासियों के लिए बेहद खुशी की बात है और अब सहारनपुर में विकास का नया इतिहास लिखा जाएगा।
मुरादाबाद को होगा यह फायदा
वहीं, मुरादाबाद शहर का चेहरा संवारने पर 2026 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जिसमें एरिया बेस्ड डवलपमेंट पर 1556 करोड़ और पेन सिटी पर 212 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इतना ही नहीं प्रपोजल में पीतल उद्योग की मजबूती देने और अन्य बुनियादी संरचनाओं को बढ़ावा मिलेगा। शहरी लोगों के लिए जाम की समस्या से निजात मिलेगी। प्रपेाजल में पीतल उद्योग से जुड़े हस्तशिल्प कारीगरों को भी बढ़ावा देगा। इतना ही नहीं उनके स्किल डवलपमेंट का खाका भी तैयार किया गया है। निगम ने दस साल के लिए प्रोजेक्ट के संचालन और रखरखाव पर 259 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाया है। कंवर्जन कास्ट पर 617 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
Updated on:
20 Jan 2018 03:05 pm
Published on:
20 Jan 2018 02:46 pm
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