
shamli
सहारनपुर. शामली में जहरीली गैस से रिसाव से बीमार हुए सैकड़ाें बच्चाें के मामले में तीन दिन बाद भी जांच शुरू नहीं हाे सकी है। मंगलवार को गैस रिसाव से सैकड़ाें बच्चाें की हालत बिगड़ गई थी। इस घटना के कुछ ही देर बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ ने माैखिक रूप से पूरी घटना की जांच करने के आदेश दे दिए थे। लेकिन घटना के तीसरे दिन बाद जब सहारनपुर कमिश्नर जांच में सामने आए तथ्याें के बारे में जानकारी लेनी चाही तो उन्होंने कहा कि हमने इस मामले में अब तक जांच शुरू नहीं की है। कमिश्नर दीपक अग्रवाल का कहना है कि उनके पास प्रदेश सरकार की और से लिखित में काेई आदेश नहीं हैं। कमिश्नर का यह भी कहना है कि, इस तरह के गंभीर मामलाें की जांच लिखित आदेशाें के बाद ही शुरू की जाती है। आदेशाें में जांच के दायरे आैर अधिकाराें का वर्णन हाेता है आैर उसी आधार पर जांच शुरू की जाती है। कमिश्नर का कहना है कि जैसे उनके पास आदेश आते हैं वह जांच शुरू कर देंगे।
इधर इस मामले में 7 स्कूली बच्चों की हालात काफी बिगड़ी गई थी। जिन्हे इलाज के लिए मेरठ लाया गया। बच्चों को मेरठ के लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया है। जहां इन बच्चों की हालत स्थिर बानी हुई है। जबकि एक बच्ची की हालत ज़्यादा ख़राब है। बच्चो के परिजनों का आरोप है कि शामली में बच्चो को उचित इलाज न मिल पाने के कारण उनकी तबियत ज्यादा बिगड़ी है
प्राथमिक जांच में सामने आए ये तथ्य
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने माैके पर जांकर जाे पड़ताल की उसमें प्राथमिक रूप से यह माना गया है कि, सर शादीलाल डिसट्रिक्ट शुगर मिल में मिथेन गैस का रिसाव हुआ था। मौके से टीम ने पाउडर लेकर उसे जांच के लिए लैब में भिजवाया है। प्रदूषण नियंत्रण बाेर्ड के अफसराें का कहना है कि यह पाऊडर मनुष्य के लिए कितना हानिकारक है इसका पता रिपाेर्ट के आने पर ही चल पाएगा। जब अब तक शामली की घटना में अन्य एजेंसियाें की अब तक की जांच आैर पड़ताल में सामने आए तथ्याें के बारे में सहारनपुर कमिश्नर दीपक अग्रवाल से जानकारी करना चाही ताे उन्हाेंने कहा कि, जाे एजेंसियां जांच कर रही हैं उन एजेंसियाें की आेर से भी काेई रिपाेर्ट उन्हें नहीं दी गई है। हालांकि मिल के प्रशासने इस घटना से पूरी तरह इनकार कर दिया था। उनका कहना था कि गैस रिसाव के कारण बच्चों की हालत नहीं बिगड़ी है।
Published on:
13 Oct 2017, 10:52 AM IST
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