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मायावती और अखिलेश की इस सीट को लेकर बढ़ी ‘मुश्किल’, गठबंधन में बन सकती है ‘दरार’

इस सीट पर राजनीति के दूसरे बड़े दिग्गज नेता भी अपना दावा ठोक रहे है

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गठबंधन

सहारनपुर।लोकसभा चुनाव 2019 के लिए सभी पार्टियों ने अपनी कमर कस ली हैं।वहीं बसपा आैर सपा ने भी गठबंधन कर सीटों का बटवारा शुरू कर दिया है।राजनीतिक सूत्रों की माने तो मायावती आैर अखिलेश के बीच लगभग यूपी सारी लोकसभा सीटों पर सहमति बन गर्इ है। लेकिन इनमें पश्चिम उत्तर प्रदेश के लोकसभा सीट दोनों के बीच दरार ला सकती है।इसकी वजह इस सीट पर बसपा आैर सपा के साथ ही इस दिग्गज नेता द्वारा अपना दावा ठोकना है।यह सीट कोर्इ आैर नहीं पश्चिम उत्तर प्रदेश की कैराना लोकसभा सीट है। वहीं इन सीटों पर लगभग तय हो गया है।

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सीट के बाद नाम की चर्चा हुर्इ शुरू

दरअसल लोकसभा चुनाव के संग्राम में रणभूमि लगभग तैयार हो चुकी है।समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव आैर बसपा सुप्रीमो मायावती के बीच गठबंधन के साथ ही 38-38 सीटों का बंटवारा हो गया है। वहीं अब इसमें रालोद को भी शामिल करने पर चर्चा चल रही है। वहीं सपा आैर बसपा ने लगभग अपने प्रत्याशी आैर चुनाव में लोकसभा सीट के बटवारे को लेकर भी सहमति बना ली है, लेकिन कैराना लोकसभा सीट को लेकर पेंच फंसा हुआ है।एक तरफ इस सीट को सपा आैर बसपा अपनी झोली डालना चाहते है। तो वहीं रालोद कैराना लोकसभा सीट पर अपना दावा ठोक रही है।

इन सीटों लगभग सपा अौर बसपा के बीच बनी सहमति

सूत्रों की माने तो सपा आैर बसपा के बीच पश्चिमी उत्तर प्रदेश ज्यादातर सीटें तय हो गई हैं।इनमें मेरठ, हापुड़, बिजनौर, नगीना लोकसभा सीट में एक सपा आैर बाकी टिकट बसपा के खाते में जा रहे है।वहीं बुलंदशहर आैर गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट बसपा के पास जा सकती है।वहीं सहारनपुर भी इसी तरह से बसपा के खाते में है।वहीं बसपा आैर सपा अगर रालोद को लेते है।तो बागपत लोकसभा सीट रालोद के खाते में सुरक्षित की जा सकती है। एेसे में कैराना सीट पर पेंच फंसा है।वहीं रालोद इस सीट पर अपना दावा ठोक रही है।इसके साथ ही मथुरा पर भी रालोद को लड़ाने की बात कही जा रही है।संभल, रामपुर, मुरादाबाद भी समाजवादी पार्टी को दिए जाने की चर्चा है।

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