
up budget 2018
सहारनपुर।
काष्ठ नगरी के नाम से विश्व पटल पर अपनी अलग पहचान रखने वाले उत्तर प्रदेश के आखिरी जिले सहारनपुर को इस बार यूपी बजट से बेहद उम्मीदें हैं। इन उम्मीदों का कारण भी है, दरअसल पूर्व की सरकारों में सहारनपुर की उपेक्षा होती रही है। पूर्व की सरकारें केंद्र आैर राज्य में अलग-अलग सरकार हाेने का बहाना भी भररती रही हैं अब जब उत्तर प्रदेश और केंद्र में भाजपा की सरकार है और सहारनपुर को स्मार्ट सिटी में चुन लिया गया है ऐसे में सहारनपुर के लोगों की उत्तर प्रदेश के बजट से भी खासी उम्मीदें जग गई हैं। आम से लेकर खास और व्यापारी से लेकर उद्यमी तक काे व किसान से लेकर मजदूर तक को इस बार यह आस है कि सहारनपुर के लिए इस उत्तर प्रदेश के बजट में कोई तो घोषणा होगी। सहारनपुर जिले की कई ऐसी मांग दशकों से रही हैं जिनका समाधान नहीं हो सका और पूर्व में जो बजट पेश हुए हैं उनमें हमेशा सहारनपुर को निराशा ही हाथ लगी है। ऐसे में अब देखना यह होगा कि सहारनपुर को इस बजट में क्या मिलने वाला है।
सहारनपुर को हैं यह उम्मीदें
विश्वविद्यालय: सहारनपुर की जनता की लंबे समय से एक विश्वविद्यालय की मांग रही है। सहारनपुर में एक भी विश्वविद्यालय नहीं है और यही कारण है कि यहां शिक्षा का स्तर अभी भी अधूरा है और सहारनपुर के युवाओं को शिक्षा के लिए पड़ोसी राज्य हरियाणा और उत्तराखंड जाना पड़ता है।
रिंग रोड: सहारनपुर में आज तक कोई बाई पास नहीं है और दिल्ली हरियाणा मैं देहरादून राज्य को जाने वाला सारा ट्रैफिक शहर के अंदर से होकर निकलता है। ऐसे में सहारनपुर में दुर्घटनाएं तो बढ़ती ही हैं यातायात व्यवस्था भी पूरे वर्ष चरमराई रहती है। अब देखना यह है कि सहारनपुर के लोगों का रिंग रोड का इंतजार इस बजट में भी खत्म होता है या नहीं।
स्वास्थ्य सेवाएं: सहारनपुर में लंबे समय से बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की मांग रही है यहां पर मेडिकल कॉलेज का मेला है लेकिन आज तक स्वास्थ्य सेवाओं की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ सहारनपुर में अगर कोई गंभीर रूप से घायल हो जाता है तो उसको केवल प्राथमिक उपचार ही दिया जा सकता है घायल होने पर लोगों को यहां से हायर सेंटर PGI चंडीगढ़ या फिर दिल्ली रेफर किया जाता है और बीच रास्ते में लोगों की मौत हो जाती है ऐसे में सहारनपुर में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए सरकार इस बजट में कोई घोषणा करती है नहीं यह भी देखने वाली बात होगी।
काष्ठ कला उद्योग के लिए घोषणा: सहारनपुर की पहचान विश्व पटल पर काष्ट कला उद्योग की वजह से होती है लेकिन यह उद्योग आज अपनी पहचान खो रहा है ऐसे में सहारनपुर के लोगों को और कास्ट कला उद्योग से जुड़े हजारों मजदूरों उद्यमियों और एक्सपोर्ट रोको यह उम्मीद है कि बजट में सहारनपुर के काष्ठ कला उद्योग के लिए भी कोई घोषणा जरूर होगी।
Updated on:
15 Feb 2018 11:39 pm
Published on:
15 Feb 2018 11:25 pm
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