
प्रतीकात्मक फोटो ( स्रोत AI )
UP News : यूपी के सहारनपुर की ये घटना आपको हैरान कर देगी। हर कदम पर ठगों से सावधान रहने की सलाह देने वाली यूपी पुलिस के एक इंस्पेक्टर की पत्नी से 66 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़िता ने कोतवाली सदर बाजार पहुंचकर अपने साथ ही पूरी घटना पुलिस को बताई। पुलिस इस मामले में अब दस लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
डीआईजी कार्यालय के पास स्थित आरआई कंपाउंड में रहने वाली पीड़िता बबीता ने पुलिस को बताया कि ठगी करने वाले आरोपियों ने खुद को शेयर बजार कंपनी का प्रतिनिधि बताया और शेयर मार्केट में पैसे लगाकर उन्हे दोगुना बनाने का लालच दिया। पीड़िता के अनुसार पहली बार में उन्होंने 46 हजार 500 रुपये लेकर एक आईडी बनाई। इसके बाद वाट्सएप ग्रुप से जोड़कर कंपनी के फर्जी रूप से मुनाफे गिनवाए गए। पीड़िता ने बताया कि उनके पति यूपी पुलिस में हैं, पहले इन लोगों ने पति को झांसे में लेने की कोशिश की लेकिन जब पति ने इन लोगों की बातों में आने से इंकार कर दिया तो मुझसे पैसा लगावा लिए। इतना ही नहीं विश्वास दिलाने के लिए मेरठ में एक पलॉट भी मेरे नाम करने का लालच दिया।
पीड़िता ने बताया कि दिसंबर 2024 में शामली के रहने वाले डॉक्टर विक्की और बागपत के रहने वाले अनिल से उनका संपर्क हुआ। इन लोगों ने अपने दो अन्य साथियों राहुल और दिनेश के साथ मिलकर बबीता के पति इंस्पेक्टर दिनेश को वाइएफएक्स नाम की एक कंपनी में निवेश करने के लिए कहा लेकिन जब इंस्पेक्टर ने साफ इंकार कर दिया तो इन्होंने इंस्पेक्टर की पत्नी से को सारी योजनाएं समझाई।
पीड़िता के मुताबिक इसके बाद ठगों ने कहा कि, अगर आपको वाईएफएक्स कंपनी में पैसा नहीं लगाना है तो शेयर बाजार की एक कंपनी है जिसका नाम है विनर विजन ग्लोबल है उसमें पैसा लगा लो। भरोसा दिलाया कि 22 महीने के अंदर पैसा दोगुना हो जाएगा। विश्वास दिलाने के लिए ठग इंस्पेक्टर की पत्नी को मेरठ स्थित विनर विजन ग्लोबल कंपनी के फर्जी कार्यालय ले गए। यहां इन्होंने महिला की मुलाकात शक्ति सिंह उपाध्याय नाम के एक व्यक्ति से कराई और बताया कि वह कंपनी का एमडी हैं। कंपनी के एमडी ने भी भरोसा दिलाया कि 22 महीने में रकम दोगुनी हो जाएगी। इसके बाद पीड़िता को एक और कंपनी से जोड़ दिया गया।
एक फर्जी सॉफ्टवेयर के जरिए ट्रेडिंग दिखाई गई। एक व्हाट्सएपग्रुप में जोड़ा गया और कहा गया कि अगर उनको अपने पैसों को लेकर जरा भी शंका है तो मेरठ में एक 100 गज का प्लाट है उसे नाम करवा लें लेकिन रसीद बनवाने का खर्च देना पड़ेगा। आरोप है कि इस तरह आरोपियों ने महिला से 66 लाख रुपये ठग लिए। जब पीड़िता ने एमसीए यानी कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय की वेबसाइट पर जांच की तो कंपनी का कोई रिकार्ड नहीं मिला। महिला को समझ आ गया कि उसके साथ ठगी हो गई है। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने शक्ति सिंह समेत राजकुमार, सविता, अनिल, मनजीत गौड़, अनिल मोटा, डॉ. विक्की,ओम सिंह, राखी और आयशा के खिलाफ FIR दर्ज की है।
Updated on:
23 Aug 2025 09:14 am
Published on:
23 Aug 2025 09:12 am
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