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अब किन्नरों को नेग में मिलेंगे 1100 रुपये ! नहीं मानने पर आएगी पुलिस

UP News : लोगों ने बताया कि किन्नर 21 से 51 हजार मांगते हैं और नहीं देने पर अभद्र व्यवहार करते हैं।

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Saharanpur News

गांव में चल रही पंचायत ( फोटो स्रोत ग्रामीण)

UP News : अब किन्नरों की मनमानी नहीं चलेगी ! घर में कोई भी उत्सव होने या लड़का पैदा होने पर उन्हें नेग के लिए सिर्फ 1100 रुपये मिलेंगे। अगर किन्नर नहीं मानते हैं तो फिर पुलिस को बुलाया जाएगा। यह निर्णय सहारनपुर के गंगोह थाना क्षेत्र के गांव मुबारिकपुर में हुई एक पंचायत में हुआ है।

किन्नरों से व्यवहार से परेशान हैं ग्रामीण

इस गांव के लोग किन्नरों के व्यवहार से परेशान थे। उन्होंने कहा कि जब भी किसी के घर में कोई उत्सव होता है या लड़का पैदा होता है तो किन्नर आ जाते हैं। ये किन्नर 21 से 51 हजार रुपये की डिमांड करते हैं। ऐसे में सामान्य परिवार के लिए भी मुश्किल हो जाती है। बात सिर्फ यहीं तक नहीं रहती। अगर पैसा नहीं मिलता ये लोग परिवार के मुखिया और पुरुषों की उनके परिवार की महिलाओं और बच्चों के सामने और गांव वालों के सामने बेइज्जती करते हैं अभद्र व्यवहार करते हैं। ऐसे में मानसिक उत्पीड़न किया जाता है।

ग्रामीणों ने कहा करते हैं मानसिक उत्पीड़न

इस मानसिक उत्पीड़न को देखते हुए गांव में पंचायत बुलाई गई। ग्राम प्रधान गोपाल सैनी की अध्यक्षता में हुई इस पंचायत में उप ब्लाक प्रमुख महिपाल सैनी भी मौजूद रहे। लोगों ने बताया कि, अगर घर में कोई उत्सव है या लड़का पैदा हुआ है तो ऐसे में नेग देना शुभ माना जाता है। लोग अपनी खुशी से अपनी हैसियत अनुसार नेग देते भी चले आ रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों से देखा जा रहा है कि जो किन्नर हैं वह इसे व्यवसाय बना रहे हैं। बच्चा पैदा होने या शादी का पता चलते ही आ जाते हैं और 21 से 51 हजार रुपये तक की डिमांड करते हैं।

मांगते हैं 21 से 51 हजार रुपये ( UP News )

ऐसे में लोगों को बड़ी परेशानी हो जाती है। सामान्य परिवारों को इनके अभद्र व्यवहार से अपमान झेलना पड़ता है। गांव में कोई भी व्यक्ति इतना संपन्न नहीं होता कि 51 हजार रुपये नेग में दे। ऐसे में ये लोग परिवार की महिलाओं और बच्चों के सामने ही परिवार के मुखिया और पुरुषों से अभद्रता करते हैं। यह कृत्य उचित नहीं है, बहुत ही अपमानजनक लगता है। जिस पर बीतती है वहीं व्यक्ति इस पीड़ा को जान पाता है।

1100 में नहीं माने तो आएगी पुलिस

ऐसे में पंचायत ने यह निर्णय किया है कि अब लड़का पैदा होने पर या घर में कोई भी कार्य शुभ होने पर किन्नरों को नेग के रूप में सिर्फ 1100 रुपेय ही दिए जाएंगे। एक ग्रामीण ने पंचायत में बताया कि, उनका बच्चा बीमार था। परिवार दवाई के लिए पैसों का इंतजाम कर रहा था इसी बीच किन्नर आ गए और परिवार से पैसे ले लिए इसके साथ-साथ बहुत अभद्रता भी की। ऐसे मामलों को देखते हुए पंचायत ने कहा कि अगर कोई किन्नर परिवार पर दबाव बनाता है या अभद्रता करता है तो ऐसे में पूरा गांव एक है और पुलिस को बुलाकर कार्रवाई कराई जाएगी। उधर थाना प्रभारी का भी कहना है कि इस तरह की शिकायत मिलती है तो कार्रवाई होगी।

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