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यूपी में स्वच्छता टैक्स की तैयारी, व्यापारी से लेकर आम आदमी तक की जेब हाेगी ढीली

मकान, दुकान, रेस्टोरेंट, क्लीनिक, हाेटल और रेहड़ी वाले तक भरेंगे नया टैक्स प्रदेश सरकार ने नई नियमावली जारी कर सभी नगर निगम से मांगी आपत्तियां आपत्तियाें के निस्तारण के बाद नए साल पर नया टैक्स लागू हाेने की उम्मीद

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Incime tax refund

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पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क सहारनपुर
अगर आप निगम के दायरे में आते हैं ताे नए साल पर नए टैक्स के लिए भी तैयार हाे जाइये। ठोस अपशिष्ट निस्तारण के लिए प्रदेश में नई व्यवस्था शुरू होने जा रही है. जिसके तहत उत्तर प्रदेश में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संचालन एवं स्वच्छता नियमावली 2020 तैयार की गई है. नई व्यवस्था के तहत अब दुकानदार, रेस्टोरेंट संचालक, बस अड्डे, अस्पताल, क्लीनिक, पैथोलॉजी लैब और यहां तक की रेहड़ी वालों को भी टैक्स देना होगा. प्रत्येक रेहड़ी वाले को स्वच्छता टैक्स के लिए अब 75 रुपये लिए जाएंगे और अगर कोई व्यक्ति या संस्था भंडारा करती है तो उसे भी अब स्वच्छता ( sanitation ) टैक्स ( tax ) के रूप में दाे हजार रुपये देनाे हाेंगे

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दरअसल उत्तर प्रदेश में 'ठोस अपशिष्ट और कूड़ा निस्तारण' को लेकर अभी तक ढुल-मुल रवैया ही चल रहा है लेकिन अब सरकार इस मामले को लेकर गंभीर होती दिखाई दे रही है. सरकार ( Uttar Pradesh government ) ने तर्क दिया है कि, तमाम जागरूकता अभियान चलाने के बाद भी प्रदेश के बड़े शहरों तक में ठोस अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण नहीं हो पा रहा है. यानी कूड़े का सही ढंग से निस्तारण नहीं हो पा रहा है. बढ़ते कूड़े को देखते हुए अब पूरे प्रदेश में यह नियमावली यानी नई व्यवस्था शुरू की जा रही है। सरकार ने नई नियमावली को सभी नगर निगम को भेजा है और उनसे आपत्तियां मांगी हैं. जिसके बाद इसे पूरे प्रदेश में इस नए टैक्स काे लागू कर दिया जाएगा.

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सहारनपुर नगर आयुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने नई टैक्स प्रणाली की तैयारी की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि सरकार ठोस अपशिष्ट नियमावली तैयार कर रही है. इस नियमावली के तहत अलग-अलग मद में टैक्स का प्रावधान दिया गया है. इसके लिए पूरे प्रदेश में एक ही नीति तैयार की जा रही है. शासन ने आपत्तियां मांगी हैं और आपत्तियों के निस्तारण के बाद इस व्यवस्था को पूरे प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा.


यह होगा टैक्स का पैमाना
स्वच्छता टैक्स के दायरे में सरकार ने आवासीय भवनों को भी रखा है. इसमें आवासीय भवन के आकार के आधार पर टैक्स लिया जाएगा. कम से कम 40 रुपये और अधिक से अधिक 350 रुपये टैक्स वसूला जाएगा. प्रत्येक दुकान से 80 रुपये से लेकर 125 रुपये तक के टैक्स का प्रावधान रखा गया है. सड़क किनारे फेरी लगाने वालों से अब 75 रुपये टैक्स लिया जाएगा. जिन बाजारों में साप्ताहिक बाजार सजते हैं वहां पर प्रत्येक दुकानदार को 15 रुपये स्वच्छता टैक्स देना होगा. छात्रावास भी इस टैक्स के दायरे में आएंगे. दस बेड तक के सभी छात्रावास 500 रुपये और इससे अधिक बेड वाले छात्रावास से 50 रुपये प्रति बैड के अनुसार स्वच्छता टैक्स लिया जाएगा। इसी तरह से रेस्टोरेंट से भी 500 रुपए से लेकर 1000 तक की वसूली टैक्स के रूप में की जाएगी. दस कमरों वाले होटल को अब 2000 रुपये स्वच्छता टैक्स देना होगा और अगर इससे अधिक कमरे हैं तो 200 रुपये प्रति कमरे के हिसाब से टैक्स भरना होगा. हॉस्पिटल से भी अब 2000 टैक्स लिया जाएगा और जो बड़े हॉस्पिटल हैं जिनमें 30 से अधिक बेड हैं उनसे 150 रुपये प्रति बैग स्वच्छता टैक्स लिया जाएगा.