
त्रासदी में लापता हुए युवक का हाथ
पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
सहारनपुर. उत्तराखंड त्रासदी ( Uttarakhand Glacier burst ) में लापता हुए सहारनपुर के युवक विक्की का केवल हाथ ही मिल पाया है। हाथ मिलने के आधार पर ही परिजनों ने विक्की को मृत मान लिया और हाथ से ही उसका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान परिजन सिहर उठे और पूरे घर में कोहराम मच गया। प्रशासन ने परिजनों को भरोसा दिलाया है कि लगातार सर्च ऑपरेशन चल रहा है और अगर विक्की का शरीर मिलता है तो उसे भी उन तक पहुंचाया जाएगा।
दरअसल सहारनपुर के देवबंद थाना क्षेत्र के गांव मनोहरपुर का रहने वाला विक्की चमोली स्थित ढोला गंगा में चल रहे हाइड्रो प्रोजेक्ट में इलेक्ट्रिशियन के पद पर तैनात था। रविवार को आए जल प्रलय के बाद से वह लापता था। जल प्रलय के बाद से ही विक्की के परिवार में दुख पसरा हुआ था। गुरुवार को रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एक हाथ मिला था जिसे उत्तराखंड पहुंचे विक्की के भाई अंकित ने पहचान लिया और कहा कि वह उसके भाई का हाथ है। विक्की की उंगलियां जली हुई थी और उसी आधार पर भाई ने विक्की के हाथ को पहचान लिया। इसके बाद यह हाथ परिजनों को दे दिया गया लेकिन प्रशासन ने डीएनए टेस्ट भी कराया है। सहारनपुर जिलाधिकारी अखिलेश सिंह का कहना है कि डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही यह पुष्ट हो पाएगा कि हाथ विकी का ही है।
विक्की के सहारे ही चल रहा था घर
इस घटना के बाद विकी के परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है। विक्की के कंधों पर अपने घर की पूरी जिम्मेदारी थी। उसका एक छोटा भाई है और वृद्ध माता-पिता हैं जो गांव में ही मजदूरी करते हैं। जब विक्की का हाथ उसके गांव पहुंचा तो वहां रीति रिवाज के मुताबिक परिजनों ने रोते हुए अपने बेटे का अंतिम संस्कार किया। वृद्ध माता-पिता की आंखों में इस बात के भी आंसू थे कि वे अपने बेटे का सही तरीके से अंतिम संस्कार भी नहीं कर पाए।
Published on:
13 Feb 2021 03:29 pm
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