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सहारनपुर ( Saharanpur ) कोविड-19 मरीजों की देखभाल में लापरवाही बरतने पर मंडलायुक्त ने अधीनस्थों काे फटकार लगाई है। साफ कहा है कि, मरीजों को गुणवत्तायुक्त पौष्टिक भोजन नहीं दिया गया तो सम्बधिंत के विरूद्ध कार्रवाही की जायेगी। कोविड-19 मरीजों के ईलाज में किसी भी स्तर पर लापरवाही क्षम्य नहीं हाेगी।
यह चेतावनी देते हुए मंडलायुक्त ने कहा कि, कोविड-19 अस्पतालों में समुचित साफ-सफाई हाेनी चाहिए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहारनपुर को भी कोविड-19 मरीजों के समुचित मानक के अनुरूप ईलाज कराने के निर्देश दिए गए। जब इस बात का पता चला कि मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों की कमी हैं ताे मंडलायुक्त ने तत्काल प्रभाव से एक चिकित्सक मेडिकल काॅलेज के आईसीयू वार्ड में भेजने के निर्देश दिए।
मंडलायुक्त संजय कुमार साेमवार काे कोविड-19 ( Corona virus ) के कार्यों की मण्डलीय समीक्षा कर रहे थे। इस दाैरान उन्हाेंने प्रधानाचार्य मेडिकल काॅलेज सहित कोविड-19 अस्पतालों के प्रभारी चिकित्सकों को निर्देश दिए कि कोविड-19 मरीजों को हर दिशा में नाश्ते में दूध, च्यवनप्राश, फल और अंडा उनकी इच्छानुसार दिया जाए। खाना पूरी तरह से गुणवत्तायुक्त होना चाहिए। चेताते हुए साफ कहा कि, यदि खाने नाश्ते या उपचार में किसी भी स्तर पर लापरवाही हुई ताे स्वास्थ्यकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई हाेगी।
इतना ही नहीं मंडलायुक्त ने यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक दिन तीन बार शौचालय समेत पूरे अस्पताल की साफ-सफाई कराई जाए। प्रतिदिन मरीजों की चादरें बदली जाएं। कमिश्नर ने यह भी कहा कि वह अब अपने स्तर से मरीजों से यह फीडबैक लेंगे। यह भी कहा कि ऑक्सीजन पूरी तरह से हाेनी चाहिए अगर ऑक्सीजन नहीं मिली ताे चिकित्सकों के विरुद्ध कार्रवाई हाेगी।
मंडलायुक्त के इन आदेशों से यह बात साफ हाे गई है कि अस्पताल की व्यवस्थाओं में काैताही बरती जा रही है। यही कारण है कि मिटिंग में कमिश्नर ने इतना गुस्सा जाहिर किया और चेतावनी दी कि यदि लापरवाही मिली ताे कार्रवाई हाेगी।
Updated on:
03 Aug 2020 10:34 pm
Published on:
03 Aug 2020 10:30 pm
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