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World Anti child labour day: प्रदेश के सभी जिलों में टास्क फोर्स गठित, छापेमारी आज से

- प्रदेशभर में चलेगा छापामार अभियान - कारखानों प्रतिष्ठानाें में होगी छापेमारी - बाल मजूदूरी राेकने काे उठाया कदम - यूपी के सभी जिलाें में टास्क फाेर्स गठित

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saharanpur

child labour day

सहारनपुर। बच्चों से बंधुआ मजदूरी कराने वाले सावधान हो जाएं। 12 जून को बाल मजदूर रोकथाम दिवस है। प्रदेश सरकार ने बाल मजदूरी कराने वालाें के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए हैं। 10 जून से प्रदेशभर के जिलों में अभियान शुरू हो गया है और यह अभियान 25 जून तक चलेगा। अभियान के लिए अलग-अलग जिलों में टास्क फोर्स गठित की गई हैं।

सहारनपुर मंडल के डिप्टी लेबर कमिश्नर राम अवतार श्रीवास्तव के अनुसार सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली जिलो में अभियान शुरू हो गया है। अभियान के तहत ऐसे कारखानों और प्रतिष्ठानों पर छापा मारा जाएगा जहां बच्चों से काम कराए जाने की आशंकाएं हैं और जिन प्रतिष्ठानों और कारखानों की शिकायतें लगातार मिल रही हैं।

यह होगी कार्रवाई

योगी सरकार ने प्रदेश के सभी जिलों में जो टास्क फोर्स गठित की है उसमें लेबर विभाग से लेकर स्वास्थ्य विभाग और पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी संयुक्त रूप से छापेमारी करेंगे।। इस दौरान कारखानों प्रतिष्ठानों और अन्य ऐसी जगहों पर छापेमारी की जाएगी जहां कार्य करना चुनौती भरा कार्य है। सहारनपुर डिप्टी लेबर कमिश्नर ने बताया कि बाल संरक्षण अधिनियम के साथ साथ इस बार किशोर अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। इस तरह 18 साल से कम उम्र के किशोर भी अगर किसी ऐसी फैक्ट्री या कारखाने में कार्य करते हुए मिलते हैं जहां जीवन रिस्क है और जहां कार्य करना खतरे से खाली नहीं है, तो ऐसे कारखाना स्वामी के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।

नुक्कड़ नाटक और गोष्ठियों से किया जाएगा जागरूक

इस बार बाल मजदूर राेकथाम दिवस पर केवल छापामार कार्रवाई ही नहीं होगी बल्कि गोष्ठी और नुक्कड़ नाटकों के जरिए लोगों को जागरुक भी किया जाएगा। इसका कारण यह है कि बाल संरक्षण अधिनियम और किशोर अधिनियम सिर्फ सजा दिए जाने की वकालत नहीं करता, इस अधिनियम का मूल उद्देश्य ऐसे बच्चों को मुख्य धारा में वापस लाना है जो कम उम्र में ही काम पर लगा दिए जाते हैं और जिनको स्कूल नहीं भेजा जाता।ऐसे बच्चों को लेकर समाज में जागरूकता फैले इसके लिए प्रदेश भर के जिलों में नुक्कड़ नाटक से जागरूकता बढ़ाई जाएगी।

यहां करें शिकायत

अगर आपके आसपास भी किसी फैक्ट्री या ऐसी जगह पर बच्चों से काम कराया जा रहा है जहां काम करना खतरे से खाली नहीं है तो यह गैरकानूनी है। अगर आप इसकी सूचना देते हैं तो उन बच्चों को वहां से निकालकर उन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए स्कूल भिजवाया जाएगा और बच्चों से जोखिम वाले कार्य कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अगर आपके मन में यह सवाल उठ रहा है कि शिकायत कहां की जाए तो इसके लिए आप सीधे डिप्टी लेबर कमिश्नर सहारनपुर को शिकायत कर सकते हैं। उनका नंबर 9140818961 है। इस नंबर पर आप सीधे शिकायत कर सकते हैं।

क्या है नियम

बाल मजदूर रोकथाम दिवस के अवसर पर हम आपको बता रहे हैं कि 16 साल से कम आयु के किसी भी किशाेर या बच्चे से फैक्ट्री प्रतिष्ठान या किसी अन्य जगह पर बंधुआ मजदूरी नहीं कराई जा सकती। ऐसा कराना कानूनी रूप से गलत है। यदि कहीं ऐसा पाया जाता है तो उस प्रतिष्ठान के स्वामी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एफआइआर दर्ज कराकर उनके गिरफ्तारी भी सुनिश्चित की जाएगी।

प्रदेशभर में है 40 बाल श्रम विद्यालय कुछ ऐसे बच्चे हैं जिन्हें उन्हीं के माता-पिता गरीबी या अन्य कारणों के चलते बचपन से ही काम में लगा देते हैं ऐसे बच्चों के पुनर्वास के लिए प्रदेश में 46 बाल श्रम विद्यालय चल रहे हैं। इन बाल श्रम विद्यालयों में संविदा पर अध्यापक रखे जाते हैं और पांचवी कक्षा तक इन स्कूलों में बच्चों को पढ़ाई जाने के बाद उन्हें फिर सरकारी स्कूलों में शिफ्ट कर दिया जाता है। इन स्कूलों का मुख्य उद्देश्य ऐसे बच्चों को मुख्य धारा वाले बच्चों से जोड़ना है जो बचपन में स्कूल नहीं जा पाते और उन्हें कार्य में लगा दिया जाता है।

सहारनपुर में नहीं एक भी श्रम विद्यालय

आपको यह जानकर हैरानी होगी कि उत्तर प्रदेश की प्रथम विधान सभा सीट वाले जिले सहारनपुर में एक भी श्रम विद्यालय नहीं है स्मार्ट सिटी सहारनपुर में पहले श्रम विद्यालय हुआ करते थे लेकिन बाद में उन्हें बंद कर दिया गया वर्तमान में यहां एक भी श्रम विद्यालय नहीं है ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि मजदूरी के दलदल में फंस चुके बच्चों को किस तरह से मुख्यधारा में वापस लाया जाएगा।

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