
World Heart Day 2023
हार्ट अटैक आने पर अक्सर हम डर जाते हैं और इधर-उधर भागने लगते हैं जबकि इसके विपरीत डॉक्टर अटैक आने पर आराम से लेट जाने और लंबी-लंबी सांसे लेने की सलाह देते हैं। अक्सर ये सवाल पूछे जाते हैं कि हार्ट अटैक के लक्षण क्या होते हैं और अटैक आने पर प्राथमिक उपचार क्या होता है ? अटैक एक ऐसे बीमारी है जिससे आज भी 90 प्रतिशत लोग बेहद डर जाते हैं और लोगों को इसका उपचार भी काफी महंगा लगता है। सच्चाई ये है कि अटैक आने पर प्राथमिक उपचार महज एक रुपये की टेबलेट होती है।
अटैक आने पर जानिए प्राथमिक उपचार
गोल्ड मेडलिस्ट डॉक्टर संजीव मिगलानी के अनुसार अटैक आने पर रोगी को आधी डिस्प्रीन और स्राबीट्रेट की गोली को तुरंत खा लेना चाहिए। ये दोनों ही टेबलेट महज एक रुपये में किसी भी मेडिकल स्टोर से आप खरीद सकते हैं। इन दोनों टेबलेट को अपनी कार, घर और ऑफिस में रखना चाहिए। दोनों टेबलेट को चबाकर खाया जा सकता है। अगर इससे भी अधिक तेजी से असर चाहते हैं तो दोनों टेबलेट को जीभ के नीचे रख लेना चाहिए। यह प्राथमिक उपचार आपको डॉक्टर तक पहुंचने में मदद करता है। इस उपचार के बाद खतरा 60 प्रतिशत तक कम हो जाता है। इसके बाद आप बिना देरी किए एक्सपर्ट के पास जाएं और आगे का उपचार का लें।
जानिए हार्ट अटैक के लक्षण
अटैक आने पर अलग-अलग लक्षण हो सकते हैं लेकिन कुछ सामान्य लक्षण इस प्रकार है। छाती के बीचो-बीच दर्द होता है और ये दर्द छाती से बाएं या दाएं हाथ में जाता है तो समझ लीजिए कि ये अटैक के लक्षण हैं। छाती के दर्द का गले में जाना भी लक्षण है। छाती के दर्द के साथ पसीना और उल्टी आए तो ये भी हार्ट अटैक के लक्षण हैं। अगर आपकी अचानक सांस फूलने लगे तो ये भी हार्ट अटैक के लक्षण का ही लक्षण है।
शुगर के रोगियों के हो सकता है पेनलैस अटैक
अभी तक लोग यही जानते हैं कि अटैक आने पर सीने तेज दर्द होता है। इसके विपरीत शुगर यानी मधुमेह रोगियों को बिना दर्द भी हार्ट अटैक हो सकता है। यह पूरी तरह से दर्द रहित अटैक हो सकता है। इसलिए अगर सीने में दर्द नहीं है और अटैक जैसे लक्षण हैं तो उन्हे भी हल्के में नहीं लेना चाहिए।
Published on:
29 Sept 2023 09:20 am
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