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श्मशान घाट बना मौत का अड्डा? 20 दिनों में 25 बंदरों की संदिग्ध मौत; जहर की आशंका

Sambhal News: संभल के चंदौसी स्थित श्मशान घाट पर 20 दिनों में 25 बंदरों की संदिग्ध मौत से इलाके में हड़कंप मच गया है। लोगों ने जहरीले पदार्थ से मौत की आशंका जताई है, जबकि प्रशासन की जांच पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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सम्भल

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Mohd Danish

Jan 10, 2026

25 monkeys death sambhal cremation

श्मशान घाट बना मौत का अड्डा? AI Generated Image

25 Monkeys Death Sambhal: यूपी के संभल जिले के चंदौसी क्षेत्र स्थित श्मशान घाट पर पिछले 20 दिनों के भीतर 25 बंदरों की संदिग्ध मौत ने इलाके में सनसनी फैला दी है। एक के बाद एक बंदरों की मौत होने से स्थानीय लोगों में डर और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में बंदरों की मौत सामान्य नहीं हो सकती, जिससे किसी साजिश की आशंका भी जताई जा रही है।

पहले भी हो चुकी है ऐसी रहस्यमय घटना

इससे पहले भी संभल जिले के थाना बनियाठेर क्षेत्र के गांव आटा में करीब 30 बंदरों की रहस्यमय मौत हो चुकी है। उस घटना के बाद जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया द्वारा जांच टीम का गठन किया गया था, लेकिन अब तक उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हो सकी है। लगातार दो अलग-अलग इलाकों में बंदरों की सामूहिक मौत ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

श्मशान घाट बना घटनाओं का केंद्र

यह पूरा मामला चंदौसी कोतवाली क्षेत्र के सीता आश्रम रोड स्थित श्मशान घाट का है, जहां बंदरों की लगातार मौत हो रही है। श्मशान घाट के केयरटेकर समेत आसपास रहने वाले लोग इस स्थिति से बेहद परेशान हैं। उनका कहना है कि रोजाना नए मृत बंदर दिखाई देना चिंता का विषय बन चुका है।

जहरीले पदार्थ से मौत की आशंका

हिंदूवादी नेता कौशल किशोर ‘वंदे मातरम्’ ने आशंका जताई है कि किसी शरारती तत्व द्वारा बंदरों के खाने में जहरीला पदार्थ मिलाया गया हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

ठंड और अलाव के बीच अनसुलझा रहस्य

श्मशान घाट के केयरटेकर ओमवीर ने बताया कि आमतौर पर इतनी संख्या में बंदरों की मौत कभी नहीं हुई। ठंड से बचाव के लिए श्मशान घाट में अलाव जलाया गया है, जहां कई बंदर ठंड से बचने के लिए इकट्ठा होते देखे गए हैं। हालांकि, क्या मौत ठंड, जहरीले पदार्थ या किसी अन्य कारण से हो रही है, यह अब भी जांच का विषय बना हुआ है।