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संभल की बेटी ने रचा इतिहास: शिवराज सिंह चौहान के साथ मंच साझा करने वाली देश की पहली लखपति दीदी बनीं अनुपमा सिंह

Sambhal News: उत्तर प्रदेश के संभल जिले की अनुपमा सिंह ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर ग्रामीण उद्यमिता में नई मिसाल कायम की। 18 राज्यों की लखपति दीदियों को पीछे छोड़ते हुए वह गणतंत्र दिवस पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ मंच साझा करेंगी, जहां उनकी सफलता की कहानी देशभर की महिलाओं के लिए प्रेरणा बनेगी।

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सम्भल

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Mohd Danish

Jan 08, 2026

anupama singh sambhal lakhpati didi success

संभल की बेटी ने रचा इतिहास | Image Source - X/@ChouhanShivraj

Lakhpati didi success anupama singh: संभल जनपद की बनियाखेड़ा गांव निवासी अनुपमा सिंह आज ग्रामीण भारत की आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण की मजबूत मिसाल बन चुकी हैं। सीमित संसाधनों और साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर उन्होंने जो मुकाम हासिल किया है, वह न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश की ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर उन्हें केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ राष्ट्रीय मंच साझा करने का अवसर मिला है।

साधारण गांव से राष्ट्रीय मंच तक की उड़ान

48 वर्षीय अनुपमा सिंह मास्टर ऑफ सोशल वर्क की पढ़ाई कर चुकी हैं, लेकिन लंबे समय तक उनका जीवन भी सामान्य ग्रामीण महिलाओं की तरह आर्थिक चुनौतियों से जूझता रहा। परिवार की जिम्मेदारियों और सीमित आय के बीच उन्होंने कभी हार नहीं मानी। जानकी स्वयं सहायता समूह और द्वारिकाधीश प्रेरणा संकुल समिति से जुड़ने के बाद उनके जीवन में निर्णायक मोड़ आया और उन्होंने आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया।

शिक्षा और संघर्ष से आत्मनिर्भरता की ओर कदम

स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद अनुपमा सिंह ने गोमय उत्पाद और ब्यूटी पार्लर को अपने उद्यम के रूप में अपनाया। उन्होंने न सिर्फ अपनी आमदनी बढ़ाई, बल्कि अन्य महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ा। वर्तमान में उनके साथ 23 महिलाएं नियमित रूप से कार्य कर रही हैं, जबकि मांग के अनुसार लगभग 70 महिलाएं भी इस उद्यम से जुड़ती हैं। उनका वार्षिक कारोबार अब करीब 25 लाख रुपये तक पहुंच चुका है।

उनके उत्पादों की सूची भी लगातार विस्तृत होती गई। होली के अवसर पर हर्बल गुलाल, रसगुल्ले, मोटे अनाज के लड्डू, ब्यूटी पार्लर सेवाएं और विभिन्न गोमय उत्पाद उनके प्रमुख व्यवसाय का हिस्सा हैं। गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए उन्होंने आधुनिक मशीनों में निवेश किया। 1.20 लाख रुपये, 80 हजार रुपये और 35-35 हजार रुपये की मशीनें खरीदकर उन्होंने अपने उद्यम को तकनीकी रूप से भी मजबूत बनाया।

तीन मिनट की परीक्षा में असाधारण आत्मविश्वास

पांच जनवरी को ग्रामीण विकास मंत्रालय और कृषि कल्याण मंत्रालय द्वारा आयोजित चयन प्रक्रिया में देशभर की लखपति दीदियों का साक्षात्कार हुआ। नियम के अनुसार प्रत्येक प्रतिभागी को केवल तीन मिनट में अपनी उपलब्धियां और उद्यम यात्रा बतानी थी। इस पहले ही चरण में 18 राज्यों की लखपति दीदियां बाहर हो गईं, लेकिन अनुपमा सिंह हर दौर में अपनी स्पष्ट सोच और ठोस कार्ययोजना के दम पर चयनित होती रहीं।

हर राउंड में मजबूत प्रस्तुति की जीत

चयन प्रक्रिया के दौरान जहां अधिकांश प्रतिभागी तय समय के भीतर अपनी बात कहकर बाहर हो गईं, वहीं अनुपमा सिंह करीब 35 मिनट तक चले साक्षात्कार क्रम में बनी रहीं। उनके अनुभव, नेतृत्व क्षमता और ग्रामीण महिलाओं को जोड़ने की सोच ने निर्णायकों को प्रभावित किया और अंततः उनका चयन हुआ।

उत्तर प्रदेश से अकेली प्रतिनिधि बनीं अनुपमा

उत्तर प्रदेश से केवल संभल की अनुपमा सिंह और बिजनौर की सुमन इस अंतिम चरण तक पहुंचीं, लेकिन अंतिम चयन में अनुपमा सिंह ने बाजी मार ली। देशभर से चयनित 14 लखपति दीदियों में वह उत्तर प्रदेश की इकलौती महिला होंगी, जिन्हें केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ मंच साझा कर संवाद करने का अवसर मिलेगा।