
संभल पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ | Image Source - Social Media
CM Yogi Sambhal Visit 546 Crore Projects: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को एक दिवसीय दौरे पर संभल पहुंचे। यह दौरा कई मायनों में खास है। एक ओर जहां उन्होंने जिले को 546.25 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की सौगात दी, वहीं 24 नवंबर 2024 को संभल में हुई हिंसा के बाद उनका यह पहला दौरा भी रहा।
सीएम योगी का हेलिकॉप्टर सुबह 10 बजे के करीब नवीन पुलिस लाइन, बहजोई में उतरा। इससे पहले उन्होंने संभल शहर के ऊपर हवाई सर्वे किया और शाही जामा मस्जिद पर तीन बार चक्कर लगाकर स्थिति का जायज़ा लिया। यह वही विवादित स्थल है, जहां बीते वर्ष हिंसक घटना हुई थी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुल 221 विकास कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसमें 108 नई परियोजनाओं का शिलान्यास और 113 पूर्ण हो चुकी योजनाओं का लोकार्पण शामिल है। इन योजनाओं के माध्यम से जिले के आधारभूत ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और जल आपूर्ति जैसी मूलभूत सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री इसके बाद संभल के गांव आनंदपुर पहुंचे, जहां उन्होंने प्रस्तावित जिला मुख्यालय भवन के लिए भूमि पूजन किया। भूमि पूजन के दौरान एक रोचक दृश्य भी देखने को मिला। जब पूजा के दौरान दक्षिणा देने की बारी आई, तो मुख्यमंत्री योगी अपनी जेब टटोलने लगे, लेकिन इससे पहले ही प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने अपनी जेब से एक नोट निकालकर उन्हें थमा दिया। इस आत्मीय और सहज पल ने वहां मौजूद लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला दी।
भूमि पूजन समारोह में सीएम योगी के साथ बीजेपी के कई बड़े नेता और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। इनमें उत्तर प्रदेश भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय अध्यक्ष सतेंद्र सिसोदिया, माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री व चंदौसी विधायक गुलाब देवी, जिलाध्यक्ष चौधरी हरेंद्र सिंह रिंकू और संभल के डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया शामिल रहे।
सीएम योगी के दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए थे। विशेष रूप से शाही जामा मस्जिद क्षेत्र और हवाई सर्वे के दौरान एयरस्पेस को पूरी तरह से क्लियर किया गया था। सीएम के काफिले के मार्ग पर पुलिस और पीएसी की टीमें पहले से तैनात थीं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा केवल विकास परियोजनाओं की घोषणा भर नहीं था, बल्कि यह एक स्पष्ट राजनीतिक और प्रशासनिक संदेश भी था। 2024 की हिंसा के बाद पहली बार सीएम का मस्जिद क्षेत्र पर विशेष ध्यान देना, हवाई सर्वे और सुरक्षा समीक्षा यह दिखाता है कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है और भविष्य में शांति-सद्भाव और विकास को प्राथमिकता देगी।
Updated on:
07 Aug 2025 11:57 am
Published on:
07 Aug 2025 11:56 am
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