
Sambhal News
Sambhal News: पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में हुई बारिश से जुनावई क्षेत्र के छह गांवों तक बाढ़ का पानी पहुंचने के बाद हालात सामान्य हो चुके हैं। लेकिन, अभी भी करीब पांच सौ किसानों के खेतों में खड़ी फसलें पानी में डूबे हुए हैं। जलमग्न धान, बाजरा, मैंथा और उड़द की फसलें सड़ रही हैं लेकिन, जिला प्रशासन के द्वारा अभी तक बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान का आंकलन तक शुरू नहीं किया गया है। अफसरों की अनदेखी से ग्रामीण परेशान हैं। गंगा में जलस्तर बढ़ने से जुनावई क्षेत्र में 13 जुलाई को बाढ़ का पानी बझांगी, मैंगरा, उदियानगला, नरुपुरा, सालिंग की मढैंया समेत छह गांवों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया था। बझांगी गांव में 18 जुलाई को बाढ़ का पानी अंदर तक पहुंच गया था। रविवार को बाढ़ का पानी घट गया है लेकिन, अभी भी खेतों में पानी भरा हुआ है। दस दिनों से फसलों में पानी भरा रहने के कारण धान, बाजरा, मैंथा और उड़द की फसलें सड़ रही हैं। गांव बझांगी निवासी किसान महानंद ने बताया कि उसके खेत में खड़ी धान की फसल सड़ गई है।
पीड़ित किसान ने क्या कहा?
पीड़ित किसान दिनेश कुमार ने बताया कि उसके खेत में खड़ी बाजरा की फसल पूरी तरह से सड़ गई है। अभी भी खेतों में दो-तीन फुट पानी भरा हुआ है। इन गांवों के करीब पांच सौ किसानों के खेतों में खड़ी फसलें सड़ रही हैं। ग्रामीणों के अनुसार करीब दो हजार बीघा से भी अधिक क्षेत्रफल में अभी भी पानी भरा हुआ है। इन गांवों में शायद ही कोई ऐसा किसान होगा, जिसकी फसल नहीं सड़ रही हो। क्योंकि इन गांवों में चकबंदी नहीं हुई है। ऐसे में सभी ग्रामीणों के खेत अलग-अलग हैं।
चौपाल लगा कर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना था
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने बझांगी गांव में चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना था। इस दौरान अधीनस्थ अफसर भी मौजूद रहे थे। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं व अन्य सुविधाएं हर समय मुहैया कराने के निर्देश दिए थे। ग्रामीण कमल सिंह, रामपाल, रवि कुमार आदि ने बताया कि जिलाधिकारी द्वारा गांव में चौपाल लगाने के बाद किसी भी अधिकारी या कर्मचारी ने गांव का रुख नहीं किया है। गांव के स्कूल में बनी बाढ़ चौकी पर भी ताला लटका रहता है। ग्रामीणों ने मांग उठाई की बाढ़ से उनकी फसलों को हुए नुकसान का आंकलन कराया जाए और आर्थिक मदद मुहैया कराई जाए। जिलाधिकारी ने बताया कि बझांगी समेत कई गांवों के किसानों के खेतों में अभी भी पानी भरा है। किसानों की धान, बाजरा, उड़द व मैंथा की फसलें खराब हो रही हैं। पानी कम होने के बाद सर्वे कराया जाएगा और रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को भेजी जाएगी।
Published on:
24 Jul 2023 09:31 pm
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