
संभल में ASI संरक्षित किले की जमीन पर चला बुलडोजर..
Fort Encroachment Demolition: संभल जिले में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की संरक्षित भूमि पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। रविवार को प्रशासनिक टीम ने बुलडोजर चलाकर दो अवैध मकानों को ध्वस्त कर दिया, जबकि सख्ती को देखते हुए दो अन्य ग्रामीणों ने अपने मकान खुद ही तोड़ना शुरू कर दिया। यह कार्रवाई ऐतिहासिक किले की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के उद्देश्य से की गई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।
इस कार्रवाई का कारण हाल ही में जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया और पुलिस अधीक्षक कृष्ण विश्नोई द्वारा कारवां सराय गेट का निरीक्षण है। इस गेट का कुछ समय पहले ही 29 लाख रुपये की लागत से कायाकल्प किया गया था। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने किले की भूमि पर अवैध कब्जों को गंभीरता से लिया और तत्काल उन्हें हटाने के निर्देश दिए। यह किला लगभग 3600 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला हुआ है और इसका संरक्षण ASI द्वारा किया जाता है।
रविवार दोपहर करीब 3 बजे तहसील संभल के थाना कैलादेवी क्षेत्र के गांव सौंधन मोहम्मदपुर में राजस्व और पुलिस टीम पहुंची। कानूनगो शिवदयाल सिंह, लेखपाल नीरज कुमार और चौकी प्रभारी राजकुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन की सख्ती देखकर एक ग्रामीण ने तुरंत अपना मकान खुद ही तोड़ना शुरू कर दिया, जबकि दूसरे ग्रामीण ने आठ दिन का समय मांगा है।
राजस्व टीम ने शिवराम पुत्र मुन्नी और केहर सिंह पुत्र भाई सिंह के अवैध मकानों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। वहीं, यशवीर पुत्र अतर सिंह के मकान को आंशिक रूप से तोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा नेम सिंह पुत्र सौदान सिंह और जुगेंद्र पुत्र अतराम सिंह ने भी अपने स्तर पर अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया। ध्वस्तीकरण के बाद ग्रामीण अपने मकानों की ईंटों और सामान को सुरक्षित करते नजर आए।
लेखपाल नीरज कुमार के अनुसार, ASI की लगभग साढ़े पांच बीघा भूमि पर किले का निर्माण है, जिसमें से करीब ढाई से तीन बीघा जमीन पर 30 से 32 लोगों ने अवैध रूप से मकान बना रखे हैं। प्रशासन ने सभी कब्जाधारियों को जल्द से जल्द अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं, जिससे ऐतिहासिक धरोहर की भूमि को पूरी तरह सुरक्षित किया जा सके।
प्रशासन ने मानवीय पहल करते हुए ऐसे 15 से 16 परिवारों की पहचान की है, जिनके पास रहने के लिए कोई अन्य स्थान नहीं है। इन परिवारों को ग्राम समाज की भूमि पर गांव में ही लगभग 200 गज जमीन आवंटित करने की योजना बनाई जा रही है, ताकि उन्हें वैकल्पिक आवास मिल सके और वे बेघर न हों।
Updated on:
26 Apr 2026 06:59 pm
Published on:
26 Apr 2026 06:59 pm
