
रफ्तार का कहर! AI Generated Image
Sambhal Bike Accident: संभल जिले के बहजोई थाना क्षेत्र के पंवासा गांव के दो सगे भाइयों की सड़क हादसे में मौत ने न केवल उनके परिवार को तोड़ दिया है, बल्कि पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। मृतकों की पहचान सुनील वाल्मीकि (28) और अनिल वाल्मीकि (25) के रूप में हुई है, जो दिल्ली में मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे।
दरअसल, बीएलओ द्वारा जारी एक नोटिस के सिलसिले में उन्हें 21 फरवरी तक एक जरूरी फॉर्म जमा करना था। इसी काम को पूरा करने की जल्दबाजी में दोनों भाई 20 फरवरी की देर रात बाइक से दिल्ली से अपने गांव पंवासा के लिए रवाना हुए थे। उन्हें क्या पता था कि यह सफर उनके जीवन का आखिरी सफर साबित होगा।
हादसा मेरठ के थाना प्रतापपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एनएच-9 हाईवे पर हुआ। आधी रात के वक्त तेज रफ्तार बाइक अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों भाई सड़क से दूर जा गिरे और गंभीर रूप से लहूलुहान हो गए। सबसे दुखद पहलू यह रहा कि हादसे के बाद हाईवे पर कोई मददगार नहीं मिला। दोनों भाई पूरी रात कड़ाके की ठंड और असहनीय दर्द के बीच सड़क किनारे तड़पते रहे।
शनिवार की सुबह जब उजाला हुआ, तब राहगीरों की नजर उन पर पड़ी। आनन-फानन में उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने अथक प्रयास किए, लेकिन छोटे भाई अनिल वाल्मीकि ने इलाज के महज एक घंटे बाद ही दम तोड़ दिया। वहीं, बड़े भाई सुनील की हालत नाजुक बनी हुई थी। वह जिंदगी और मौत के बीच करीब एक सप्ताह तक जंग लड़ता रहा, लेकिन अंततः उसने भी दम तोड़ दिया। एक ही घर के दो जवान बेटों की अर्थियां जब एक साथ उठीं, तो हर आंख नम हो गई।
इस घटना ने हाईवे पर सुरक्षा और रात्रि गश्त की पोल खोल दी है। ग्रामीणों और परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते उन्हें मदद मिल जाती या पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ी वहां से गुजरी होती, तो शायद आज दोनों भाई जीवित होते। शोकाकुल परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि हाईवे पर रात के समय सुरक्षा बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में किसी और का घर इस तरह न उजड़े। गांव में गमगीन माहौल के बीच दोनों भाइयों का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
Published on:
21 Feb 2026 02:46 pm
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