
संभल में ‘यादव-जी की लव स्टोरी’ पर बवाल..
Yadav Ji Love Story Film Sambhal: संभल जिले में ‘यादव-जी की लव स्टोरी’ नामक फिल्म को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। समाजवादी पार्टी और उससे जुड़े संगठनों ने फिल्म की रिलीज का खुलकर विरोध शुरू कर दिया है। पार्टी का आरोप है कि फिल्म का नाम यादव समाज की छवि को धूमिल करने की मंशा से रखा गया है। विरोध कर रहे नेताओं का कहना है कि फिल्म की विषयवस्तु और नामकरण से समाज की भावनाएं आहत हुई हैं और इससे सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंच सकता है।
बुधवार को समाजवादी पार्टी युवजन सभा के कार्यकर्ता और पदाधिकारी संभल के जिला कलेक्ट्रेट बहजोई पहुंचे। यहां उन्होंने डिप्टी कलेक्टर नीतू रानी को जिलाधिकारी के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में स्पष्ट मांग की गई कि 27 फरवरी को प्रस्तावित फिल्म की रिलीज पर तत्काल रोक लगाई जाए। पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने इस मामले में कार्रवाई नहीं की तो सपा सड़कों पर उतरकर व्यापक आंदोलन करेगी।
ज्ञापन में यह आरोप लगाया गया है कि फिल्म का नाम ‘यादव-जी की लव स्टोरी’ रखा गया है, जबकि फिल्म में यादव जाति से जुड़ा कोई वास्तविक पात्र मौजूद नहीं है। समाजवादी पार्टी का कहना है कि यह नाम जानबूझकर रखा गया है ताकि यादव समाज को बदनाम किया जा सके। पार्टी नेताओं के अनुसार इस तरह का नामकरण समाज में भ्रम फैलाने और जातीय भावनाओं को ठेस पहुंचाने का काम करता है।
सपा युवजन सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील यादव ने बताया कि फिल्म की अभिनेत्री द्वारा इसे ‘लव जिहाद’ की थीम पर आधारित बताना विवाद को और गंभीर बना रहा है। सुनील यादव का कहना है कि फिल्म में यादव समुदाय की बेटी और मुस्लिम युवक की प्रेम कहानी दिखाई गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी को किसी समुदाय या कहानी से आपत्ति नहीं है, लेकिन जिस तरह से इसे विवादास्पद एंगल में पेश किया जा रहा है, उससे समाज में गलत संदेश जा रहा है।
सपा नेताओं ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि 27 फरवरी को यह फिल्म रिलीज की गई, तो इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। सुनील यादव ने कहा कि किसी भी सिनेमाघर में फिल्म का प्रदर्शन नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की कि समय रहते फिल्म की रिलीज पर रोक लगाकर कानून-व्यवस्था की स्थिति को बिगड़ने से बचाया जाए।
समाजवादी पार्टी के जिला महासचिव कृष्णमुरारी शंखधार ने कहा कि इस फिल्म की प्रस्तुति समाज के युवाओं को गलत दिशा में ले जा सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि फिल्म के नाम और कथानक से सामाजिक ताने-बाने को ठेस पहुंची है। कृष्णमुरारी ने प्रशासन से फिल्म के पात्रों और निर्माताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की, ताकि भविष्य में इस तरह की फिल्मों से सामाजिक तनाव न पैदा हो।
Published on:
18 Feb 2026 05:16 pm
